दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने आज कहा कि डॉक्टरों के वेतन के मुद्दे पर एमसीडी की सत्ता में बैठी भाजपा सिर्फ राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा, "मैंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आदेशानुसार वेतन मुद्दे पर बातचीत के लिए दिल्ली एमसीडी के तीनों मेयर को दोपहर 2 बजे मिलने का समय दिया था, लेकिन पूरा दिन गुज़र जाने के बाद भी कोई मिलने नहीं आया। एमसीडी अगर डॉक्टर के मुद्दे को ले कर गंभीर होती, तो वो बैठ कर बात करती , लेकिन इनका मकसद सिर्फ राजनीति करने का है और इस बात की कोई परवाह नहीं है कि डॉक्टर्स को उनका वेतन मिल रहा है या नहीं।"

केजरीवाल के आवास के सामने धरने पर बैठे एमसीडी मेयर
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ सप्ताह से दिल्ली एमसीडी के अधीन अस्पतालों के डॉक्टर्स और अन्य कर्मचारी अपने वेतन मिलने में हो रही देरी को ले कर धरने पर बैठे हैं। वहीँ, आज एमसीडी के मेयर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के आवास के सामने धरने पर बैठ गए और दिल्ली सरकार से पैसे कि माँग करने लगे।

'भाजपा सिर्फ राजनीति कर रही है'
स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि केंद्र सरकार सारे म्युनिसिपल कारपोरेशन को उसके अधिकार क्षेत्र में रहने वाले प्रति व्यक्ति के हिसाब से पैसा देती है, लेकिन वो दिल्ली के म्युनिसिपल कारपोरेशन को कोई पैसा नहीं दे रही है। दिल्ली के मेयर को चाहिए कि वो केंद्र सरकार से माँग करें कि दिल्ली एमसीडी को भी केंद्र सरकार द्वारा उनके हक के अनुदान के बकाया पैसे दिए जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दिल्ली के एमसीडी पर दिल्ली सरकार का हज़ारों करोड़ बकाया है, जो एमसीडी को चुकता करना है। दिल्ली एमसीडी केंद्र सरकार से पैसे नहीं मांगती है, जबकि केंद्र  और एमसीडी दोनों में भाजपा की ही सरकार है।

''सिस्टम को सही नहीं चला पा रहा एमसीडी''
सतेंद्र जैन ने कहा कि एमसीडी ने पूरी दिल्ली में होर्डिंग्स और पोस्टर्स लगाए हुए हैं और इन सब पर मोटा पैसे खर्च करती है। एमसीडी में फैले भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि एमसीडी के अन्दर बहुत ज्यादा भ्रष्टाचार है, इनके पास जितना भी पैसा हो, सारा भ्रष्टाचार में खत्म हो जाता है। उन्होंने कहा कि एमसीडी अपने सिस्टम को सही से नहीं चला पा रही है। हाउस टैक्स का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर 2500 करोड़ इकठ्ठा करना होता है, तो उसमें से सिर्फ 1000 करोड़ इकठ्ठा करते हैं और बाकी के 1500 करोड़ आपस में बाँट लेते हैं। एमसीडी अपना काम सही से नहीं करती है और दिल्ली सरकार से पैसा मांगती है। दिल्ली सरकार को जो भी पैसा देना था, वो पहले ही दिया जा चुका है।  

''दिल्ली सरकार के हवाले कर दो एमसीडी''
सतेंद्र जैन ने कहा कि इन सारे मुद्दों का हल यही है कि एमसीडी अपना सिस्टम ठीक कर के वहां से भ्रष्टाचार ख़त्म करे और अगर ऐसा करने में असमर्थ हैं, तो फिर दिल्ली सरकार के हवाले कर दे। हम सिस्टम ठीक कर के सारे अस्पताल अच्छे से चला भी लेंगे और डॉक्टर को उनका वेतन भी समय पर देंगे।

''केंद्र सरकार से एमसीडी को मांगना चाहिए मदद''
सतेंद्र जैन ने कहा कि अगर एमसीडी के पास पैसे नहीं हैं, तो केंद्र सरकार से मदद मांगनी चाहिए। इसमें अगर एमसीडी को दिल्ली सरकार का सहयोग चाहिए तो हम उनको सहयोग देने के लिए तैयार हैं और उनके साथ मिल कर केंद्र सरकार से बात करने के लिए तैयार हैं।