गोवा विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस की एक याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उसने पिछले साल भाजपा में शामिल हुए अपने 10 पूर्व विधायकों को अयोग्य करार देने की अपील की थी।

पणजी। गोवा विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस की एक याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उसने पिछले साल भाजपा में शामिल हुए अपने 10 पूर्व विधायकों को अयोग्य करार देने की अपील की थी।

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दस प्रतिवादियों (विधायकों) के वकील और याचिकाकर्ता गोवा कांग्रेस प्रमुख गिरीश चोडनकर विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष पेश हुए। पाटनेकर ने कहा, 'दस विधायकों ने जवाब देने के लिये समय मांगा है। मामले पर सुनवाई की अगली तारीख जल्द घोषित की जाएगी।'

अवैध करार दिया था मामला 
चोडनकर ने गोवा के उपमुख्यमंत्री चंद्रकांत कावलेकर समेत 10 विधायकों को अयोग्य करार देने के लिये पिछले साल याचिका दायर की थी। ये सभी विधायक जुलाई 2019 में भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने भाजपा में शामिल होने के विधायकों के कदम को 'अवैध' करार दिया था।

विधानसभा अध्यक्ष ने क्या कहा है?
बृहस्पतिवार को सुनवाई के बाद चोडनकर ने कहा कि उनके वकील ने विधानसभा अध्यक्ष को बताया कि उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले में कहा गया है कि अयोग्यता याचिकाओं पर समयसीमा के भीतर फैसला लिया जाना चाहिये। उन्होंने बताया, 'विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वह (याचिका पर फैसला लेते समय) उच्चतम न्यायालय के निर्णय को ध्यान में रखेंगे।'

उच्चतम न्यायालय ने पिछले महीने संसद से कहा था कि वह विधि निर्माताओं की अयोग्यता की मांग करने वाली याचिकाओं पर निर्णय लेने की स्पीकर की शक्ति पर विचार करे।

(ये खबर पीटीआई/भाषा की है। एशियानेट हिन्दी न्यूज ने सिर्फ हेडिंग में बदलाव किया है।) 

प्रतीकात्मक फोटो