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फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनवाकर लिया था कर्ज, ईडी ने किया यह हाल

प्रवर्तन निदेशालय ने बैंक धोखाधड़ी और धन शोधन मामले में अहमदाबाद की एक कंपनी की 56 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों की कुर्की की है। निदेशालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।

ED prisoned the person for taking loan on the basis of false documents
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Ahmedabad, First Published Nov 9, 2019, 4:54 PM IST
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नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय ने बैंक धोखाधड़ी और धन शोधन मामले में अहमदाबाद की एक कंपनी की 56 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों की कुर्की की है। निदेशालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग (धन-शोधन) निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत साई इंफोसिस्टम्स लिमिटेड (एसआईएस) की 37 अचल संपत्तियों की कुर्की के प्रारंभिक आदेश जारी किए हैं।

निदेशालय ने एक बयान में बताया कि इन संपत्तियों में ‘‘गुजरात और आस पास की जगहों पर कई भूखंड, फार्म हाउस तथा वाणिज्यिक और आवासीय परिसंपत्तियां शामिल हैं। ये सम्पत्तियां एसआईएस और इस समूह की एट्रियम इंफोकॉम प्राइवेट लिमिटेड और सुज्योत इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड एवं अन्य इकाइयों के नाम हैं।’’

जब्त की गयी संपत्तियों का कुल मूल्य 56.21 करोड़ रुपये है।

निदेशालय ने अपनी जांच में पाया कि एसआईएस और उसके चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सुरेंद्र कुमार कक्कड़ ने भारतीय स्टेट बैंक और कुछ बैंकों एक समूह से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण लिए थे।

जांच एजेंसी का दावा है कि एसआईएस समूह ने ऋण से प्राप्त धन का बताए गए कामों पर उपयोग करने के बजाय उसकी हेरा-फेरी की और उससे समूह एवं उसकी कंपनियों, रिश्तेदारों इत्यादि के नाम पर कई अचल संपत्तियां खरीदीं गयीं। इससे बैंकों का कर्ज फंस गया और उनको 867 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ।

मामले में कक्कड़ के अलावा कंपनी के एक और निदेशक राजीव गुप्ता को गिरफ्तार किया जा चुका है।
(यह खबर न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा की है, एसियानेट हिंदी की टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

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