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जब मौत ने दिया जवान को फैमिली से मिलने का आखिरी मौका, 48 घंटे बाद उजड़ गया पत्नी की सिंदूर

कहते हैं कि कभी-कभार इंसान को अपनी मौत का आभास हो जाता है। ऐसा ही कुछ यहां देखने को मिला। सेना का एक जवान अपनी मौत से पहले कुछ घंटे के लिए पत्नी और बच्चों से घर मिलने पहुंचा। दो दिन बाद हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई।

Emotional story related to the martyrdom of Kangra soldier Deepak Kalia kpa
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Kangra, First Published Jan 15, 2020, 4:07 PM IST
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कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश. कांगड़ा जिले के फतेहपुर के रहने वाले सेना के हवलदार की सोमवार को परेड के दौरान  दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। कहते हैं कि कभी-कभार इंसान को अपनी मौत का आभास हो जाता है। इस मामले में भी यही देखने को मिला। मृत्यु से पहले जवान कुछ घंटे के लिए पत्नी और बच्चों से घर मिलने पहुंचा।

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48 घंटे बाद मिली मौत की खबर..
दीपक कुमार सेना में हवलदार थे। वे शनिवार की सुबह कांगड़ा के फतेहपुर के एक गांव में अपने परिवार से मिलने आए थे। शाम को ही वे ड्यूटी पर लौट गए धे। सोमवार सुबह पठानकोट में परेड के दौरान वे अचानक गिर पड़े। उन्हें सैन्य अस्पताल ले जाया गया। वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। जवान के परिवार में उनकी मां राजकुमारी, पत्नी सीमा देवी और दो बच्चे दिव्यांश और गुगु हैं। किसी को भी आभास नहीं था कि 48 घंटे बाद उन्हें बुरी खबर मिलेगी। जब परिवार लोहड़ी मना रहा था, तभी उन्हें दुखद खबर मिली। 38 वर्षीय दीपक कालिया मामून कैंट में सेना के विंग 19 पंजाब में बतौर हवलदार तैनात थे। मंगलवार को तिरंगे में लिपटी उनकी पार्थिव देह गांव पहुंची, तो त्यौहार के बीच माहौल गमगीन हो गया। उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 

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