सार
राखी प्रभुदेसाई ने एक ट्वीट कर लिखा कि भारी मन से और बहुत सोच-विचार करने के बाद मैंने INC गोवा में अपनी छोटी लेकिन सार्थक पारी समाप्त करने का फैसला किया है। मैंने अपना इस्तीफा गिरीश चोडांकर को भेज दिया है। अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि वह दिशाहीन नेतृत्व के कारण पार्टी में निराश होने लगीं थी।
पणजी : गोवा में विधानसभा चुनाव (Goa Election 2022) से पहले कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। प्रदेश कांग्रेस समिति (GPCC) की प्रवक्ता राखी प्रभुदेसाई नाइक (Rakhi Prabhudesai Naik) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हो गईं हैं। राखी प्रभुदेसाई ने प्रदेश अध्यक्ष गिरीश चोडांकर को अपना इस्तीफा सौंपा। नाइक ने तृणमूल कांग्रेस की गोवा प्रभारी महुआ मोइत्रा की उपस्थिति में पार्टी का दामन थामा। उन्होंने एक ट्वीट कर लिखा कि भारी मन से और बहुत सोच-विचार करने के बाद मैंने INC गोवा में अपनी छोटी लेकिन सार्थक पारी समाप्त करने का फैसला किया है। मैंने अपना इस्तीफा गिरीश चोडांकर को भेज दिया है। अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि वह दिशाहीन नेतृत्व के कारण पार्टी में निराश होने लगीं थी।
स्थानीय नेतृत्व दिशाहीन है - नाइक
नाइक ने प्रदेश कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि गोवा में कांग्रेस के नेता प्रियंका गांधी (priyanka gandhi) जैसे राष्ट्रीय नेताओं की सीख के खिलाफ काम कर रहे हैं, और स्थानीय नेतृत्व दिशाहीन है। जिस कारण से मैं पार्टी से निराश होने लगी थी। नाइक ने कहा कि इसी कारण से उन्होंने तृणमूल में शामिल होने का फैसला किया। उन्होंने TMC को गोवा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का एकमात्र राजनीतिक विकल्प बताया।
दो महीने पहले ही थामा था हाथ
राखी प्रभुदेसाई नाइक दो महीने पहले शिवसेना से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस में शामिल हुई थी। नाइक को गोवा प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष गिरीश चोडनकर और नेता प्रतिपक्ष दिगंबर कामत की उपस्थिति में पार्टी में शामिल किया गया था। तब चोडनकर ने कहा कि यह स्वागतयोग्य कदम है कि राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कई नेता पार्टी में शामिल हो रहे हैं।
इसके बाद उन्होंने अब तृणमूल कांग्रेस को जॉइन कर लिया है। इस्तीफे के बाद उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर कई सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस छोड़ रहे नेता
बता दें कि कांग्रेस (Congress) ने गोवा में पांच साल पहले 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 40 सदस्यीय सदन में 17 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, लेकिन न तो वह सरकार बना पाई और न ही अपने सदस्यों को एकजुट रखने में कामयाब हो पाई। जिससे उसके पास मौजूदा सीट की संख्या गिरकर मात्र 2 रह गई है। 2017 के राज्य विधानसभा चुनावों के बाद से, कई कांग्रेस विधायकों ने पार्टी छोड़ दी और बीजेपी में शामिल हो गए। वालपोई विधायक विश्वजीत राणे ने सबसे पहले कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। बाद में वह बीजेपी में शामिल हो गए और इस सीट से उपचुनाव जीत लिया। राणे के बाहर निकलने के तुरंत बाद, कांग्रेस के दो और विधायक सुभाष शिरोडकर और दयानंद सोपटे ने बीजेपी में शामिल होने के लिए पार्टी छोड़ दी। इसके बाद तो जैसे इस्तीफों की झड़ी लग गई।
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