दिवाली के मौके भारत के दो राज्यों गुजरात और असम में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके साथ ही इंडोनेशिया में भी भूकंप से धरती कांप गई। हालांकि किसी भी जगह नुकसान की कोई खबर नहीं है।

अहमदाबाद : दिवाली (diwali 2021) के मौके पर गुजरात (gujrat) में भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप दोपहर 3 बजकर 15 मिनट पर आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.0 मापी गई है। भूकंप का केंद्र द्वारका से 223 किलोमीटर उत्तर उत्तर-पश्चिम में था। इस भूकंप से किसी तरह के जान माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। लेकिन अचानक धरती हिलने से लोगों के बीच लोग डरर गए और तुरंत अपने घर से निकल बाहर आ गए। भूकंप तब आया जब सभी लोग दिवाली की तैयारियों में लगे हुए थे। घरों में सजावट चल रही थी।

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सुबह असम और मणिपुर में हिली धरती
इससे पहले सुबह 10.19 बजे असम (Assam) के तेजपुर में 3.7 तीव्रता का भूंकप आया था। जबकि मणिपुर (Manipur) के मोइरंग में सुबह 6 बजे 3.5 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप की गहराई करीब 25 किमी थी। भूकंप का केंद्र असम के सोनितपुर जिले में 35 किमी दूर तेजपुर था। हालांकि भूकंप से किसी के हताहत होने या नुकसान की कोई सूचना नहीं है। वैसे भी गुवाहाटी (Guwahati) और असम भूंकप के लिहाज से हमेशा से ही संवेदनशील इलाके रहे हैं, ऐसे में जब भी यहां पर धरती हिलती है, लोगों का डरना लाजिमी रहता है।

इंडोनेशिया में भी झटके
अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण विभाग ने जानकारी दी है कि समुद्र के अंदर भूकंप के हल्के झटके से पूर्वी इंडोनेशिया के कुछ हिस्सों में कंपन महसूस हुआ। भूकंप से फिलहाल जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। नॉर्थ मालूकू प्रांत के सेराम द्वीप पर तटीय गांव अमहाई से लगभग 65 किलोमीटर दूर 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र समुद्र में लगभग 10 किलोमीटर नीचे था।

क्यों आता है भूकंप
पृथ्वी की बाह्य परत में अचानक हलचल से उत्पन्न ऊर्जा के कारण भूकंप आता है। यह ऊर्जा पृथ्वी की सतह पर, भूकंपी तरंगें उत्पन्न करती है, जो भूमि को हिलाकर या विस्थापित कर के प्रकट होती है। भूकंप प्राकृतिक घटना या मानवजनित कारणों से हो सकता है। अक्सर भूकंप भूगर्भीय दोषों के कारण आते हैं। भूकंप का क्षण परिमाण पारंपरिक रूप से मापा जाता है या संबंधित और अप्रचलित रिक्टर परिमाण लिया जाता है। तीन या कम परिमाण की रिक्टर तीव्रता का भूकंप अक्सर इंपरसेप्टीबल होता है और सात रिक्टर की तीव्रता का भूकंप बड़े क्षेत्रों में गंभीर क्षति का कारण होता है। झटकों की तीव्रता का मापन विकसित मरकैली पैमाने पर किया जाता है। भूकंप से जान, माल की हानि, मूलभूत आवश्यकताओं की कमी, रोग होता है। इमारतों और बांध, पुल, नाभिकीय ऊर्जा केंद्र को नुकसान पहुंचता है। भूकंप से क्षतिग्रस्त बांध के कारण बाढ़ आ सकती है।

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