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मोदी सरकार की राहत योजना बंगाल सरकार की योजनाओं से प्रेरित : TMC

पार्टी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, 'केन्द्र सरकार ने बंगाल जैसी राज्य सरकारों पर एक सप्ताह पहले ही पेश की जा चुकी राहत योजनाओं से प्रेरणा ली है। बंगाल की नयी प्रोचेस्टा योजना में गरीबों को छह महीने का मुफ्त राशन, कोरोना वायरस से लड़ने के लिये स्वास्थ्य बीमा और दिहाड़ी मजदूरों को एक-एक हजार रुपये दिया जाना शामिल है।

Modi government's relief scheme inspired by Bengal government schemes: TMC kp
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New Delhi, First Published Mar 26, 2020, 8:17 PM IST
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नई दिल्ली. तृणमूल कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि केन्द्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार की तर्ज पर वित्तीय पैकेज का ऐलान किया है।

केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण योजना की घोषणा की 

पार्टी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, 'केन्द्र सरकार ने बंगाल जैसी राज्य सरकारों पर एक सप्ताह पहले ही पेश की जा चुकी राहत योजनाओं से प्रेरणा ली है। बंगाल की नयी प्रोचेस्टा योजना में गरीबों को छह महीने का मुफ्त राशन, कोरोना वायरस से लड़ने के लिये स्वास्थ्य बीमा और दिहाड़ी मजदूरों को एक-एक हजार रुपये दिया जाना शामिल है। यह राज्य सरकार के प्रयासों को गति देगी।'

गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना वायरस महामारी और उसके आर्थिक प्रभाव से निपटने के लिये बृहस्पतिवार को खासतौर से गरीबों, बुजुर्गों, स्वयं सहायता समूहों और निम्न आयु वर्ग को राहत देते हुये 1.70 लाख करोड़ रुपये की ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ की घोषणा की।

20.5 करोड़ महिलाओं को 3 महीने तक 500 रूपए देगी सरकार

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत राशन की दुकानों से 80 करोड़ लोगों को अगले तीन महीने तक प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं या चावल तथा इसके अलावा प्रति राशन कार्ड एक किलो दाल मुफ्त मिलेगी। सीतारमण ने पैकेज की घोषणा करते हुए कहा कि 20.5 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों को अगले तीन महीने तक हर महीने 500 रुपये दिये जायेंगे ताकि उन्हें कुछ अतिरिक्त मदद मिल सके।

वित्त मंत्री ने तीन करोड़ गरीब वृद्धों, विधवाओं तथा गरीब दिव्यांगों को एक-एक हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की।

 विभिन्न वर्गों के लिये भी राहत का ऐलान 

इनमें से अधिकतर लोग असम के थे और देश के विभिन्न हिस्सों में काम कर रहे थे। वे पिछले सप्ताह कई राज्यों में बंद के हालात बनने के बाद अपने घरों को वापस जा रहे थे लेकिन हावड़ा पहुंचकर फंस गये।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(प्रतीकात्मक फोटो)

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