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साहित्यकार किरन नागरकर ने दुनिया को कहा अलविदा, सबसे सम्मानित भारतीय लेखकों में थे शामिल

साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता किरण नागरकर का 77 वर्ष की आयु में निधन, ब्रेन हेमरेज की शिकायत के बाद किया था अस्पताल में भर्ती।

novelist kiran nargarkar passed away, most respected Indian writers since independence
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Mumbai, First Published Sep 6, 2019, 11:15 AM IST
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मुंबई. साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता किरण नागरकर का गुरुवार शाम निधन हो गया। फेमस नाॉवलिस्ट, नाटककार, पटकथा लेखक और पत्रकार रहे 77 वर्षीय नागरकर को ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके इलाज के लिए उन्हें मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनका निधन हो गया।

2001 में मिला साहित्य अकादमी पुरस्कार
साल 1942 में मुंबई में जन्में नागरकर ने 1974 में मराठी में अपना पहला उपन्यास 'सात सक्कं त्रेचाळीस' प्रकाशित किया था। साल 1997 में लिखे 'क्यूकोल्ड' ने उन्हें साल 2001 में साहित्य अकादमी पुरस्कार दिलाया और उन्हें अंग्रेजी में स्वतंत्रता के बाद के सबसे सम्मानित भारतीय लेखकों में शामिल किया गया।

उनकी रचनाओं में साल 2006 में लिखी 'गॉड्स लिटिल सोल्जर', साल 2004 में लिखी 'रावण एंड एडी' और इसके दो सीक्वेल - 'द एक्स्ट्रा' साल 2012 और 'रेस्ट इन पीस' साल 2015 में औ 'बेडटाइम स्टोरीज' और फिर, साल 2018 में लिखी 'जसोदा' शामिल है।

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