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श्रद्धा मर्डर केस: पुलिस ने कहा मई में हुआ मर्डर, दोस्त बोला- जुलाई में श्रद्धा ने मुझसे फोन पर मदद मांगी थी

पुलिस के मुताबिक आफताब ने श्रद्धा की हत्या मई में की थी। जबकि श्रद्धा के दोस्त लक्ष्मण के मुताबिक जुलाई में श्रद्धा ने उससे फोन पर जान के खतरे की आशंका जताई थी उस समय उसने श्रद्धा की मदद भी की थी। ऐसे में पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े होने लगे हैं। 

Police said the murder happened in May friend said Shraddha had asked me for help on the phone in July uja
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First Published Nov 15, 2022, 9:27 AM IST

नई दिल्ली. श्रद्धा मर्डर केस में पूरे देश में आक्रोश है। मुंबई की श्रद्धा के साथ उसके लिव इन पार्टनर आफताब ने जिस तरह हैवानियत की उससे लोगों में गुस्सा है। अब इस मामले में नया खुलासा श्रद्धा के दोस्त ने किया है। पुलिस के मुताबिक आफताब ने श्रद्धा की हत्या मई में की थी। जबकि श्रद्धा के दोस्त लक्ष्मण के मुताबिक जुलाई में श्रद्धा ने उससे फोन पर जान के खतरे की आशंका जताई थी उस समय उसने श्रद्धा की मदद भी की थी। ऐसे में पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े होने लगे हैं। 

बता दें कि दिल्ली से लगे महरौली में सोमवार को दिल दहला देने वाले मर्डर का खुलासा हुआ था। 18 मई यानी करीब 6 महीने पहले लिव इन पार्टनर आफताब अमीन पूनावाला ने अपनी 27 साल की प्रेमिका श्रद्धा विकास वॉकर की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने आरी से श्रद्धा के 35 टुकड़े किए। शरीर के टुकड़ों को रखने के लिए बाजार से बड़ा फ्रिज खरीदकर लाया और टुकड़े उसमें रख दिए। 18 दिन तक रोज रात 2 बजे वह उठता और श्रद्धा के शरीर के कुछ टुकड़े ले जाकर जंगल में फेंक आता। लेकिन मामले का खुलासा हो गया और आफताब को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया।

दोस्त बोला- जुलाई में मैंने दोस्तों के साथ मिलकर किया था रेस्क्यू 
श्रद्धा के दोस्त लक्ष्मण नडार ने सोमवार को इंडिया टुडे से बातचीत में बताया था कि श्रद्धा और आफताब के बीच अक्सर झगड़े होते थे। जुलाई में श्रद्धा ने वॉट्सऐप काल के जरिए उससे कॉन्टैक्ट भी किया था। वह काफी सहमी हुई थी। उसने कहा कि अगर वह उस रात वह आफताब के साथ रही तो वह उसे मार डालेगा। लक्ष्मण नडार ने आगे कहा कि अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर उसने छतरपुर के घर से श्रद्धा को बचाया था। उन लोगों ने आफताब को चेतावनी दी थी कि वे उसकी शिकायत पुलिस में कर देंगे। लेकिन फिर आफताब के लिए श्रद्धा की कमिटमेंट देखकर उन्होंने पुलिस में शिकायत नहीं की। और वे फिर साथ-साथ रहने लगे।

श्रद्धा के भाई को भी दी थी सूचना- लक्ष्मण नडार 
श्रद्धा के दोस्त लक्ष्मण नडार के मुताबिक श्रद्धा के घर जाकर उसे बचाने की घटना के दो महीने बीतने के बाद सितंबर में जब श्रद्धा ने उससे कॉन्टैक्ट नहीं किया, तो उसे चिंता होने लगी। नडार के मुताबिक श्रद्धा को उसने कई मैसेज और कॉल किए लेकिन उसने जवाब नहीं दिया। इससे उसकी टेंशन होने लगी। इस वजह से उसने कॉमन फ्रेंड्स और बाकी लोगों से श्रद्धा के बारे में पूछना शुरू किया। जब उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली, तो आखिर में उसके भाई श्रीजय को बताया कि श्रद्धा ने कई महीनों से बातचीत नहीं की है और हमें पुलिस को सूचना देनी चाहिए। यह जानकारी मिलने के बाद श्रद्धा के पिता विकास मदन वॉकर ने मुंबई पुलिस के पास शिकायत लिखवाई।

पुलिस की कहानी पर खड़े हुए सवाल 
पुलिस की कहानी के मुताबिक आफताब पूनावाला ने श्रद्धा की हत्या 18 मई को गला दबाकर की उसके बाद शव को आरी से काटकर कई टुकड़े किये। लेकिन श्रद्धा के दोस्त लक्ष्मण के बयान के बाद पुलिस की कहानी अब झूठी लगने लगी है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिरकार श्रद्धा की हत्या वास्तव में हुई कब? अगर श्रद्धा को उसके दोस्तों ने जुलाई में रेस्क्यू किया था तो वह मई में कैसे मर सकती है। इस बात की चर्चा अब हर ओर होने लगी है कि आखिरकार सच्चाई क्या है।  

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