गुजरात के बारडोली में रविवार को हुए एक हादसे में पिता, बेटी और बेटे की नहर में डूबकर मौत हो गई। स्टीयरिंग से संतुलन बिगड़ने पर उनकी कार नहर में जा गिरी थी।

बारडोली, गुजरात. रविवार को यहां हुए एक दु:खद हादसे में पिता, उसके बेटे और बेटी की नहर में डूबकर मौत हो गई। पिता अपनी बेटी को 12वीं साइंस का प्रैक्टिकल एग्जाम दिलाने बारडोली जा रहे थे। इसी दौरान उवा गांव के नजदीक काकरापारा मुख्य कैनाल रोड पर अचानक पिता का स्टीयरिंग से संतुलन बिगड़ गया। इसके साथ ही उनकी कार सीधे लबालब भरी नहर में जा गिरी। पिता को तैरना नहीं आता था। वो मदद के लिए चिल्लाया। इस दौरान पिता फूट-फूटकर रो पड़ा। वो चिल्लाया कि उन्हें तैरना नहीं आता। उन्हें बचा लो। दुर्भाग्य से वहां से गुजर रहे एक शख्स को भी तैरना नहीं आता था। वो चाहकर भी इन लोगों की मदद नहीं कर सका। यह परिवार मढ़ी गांव का रहने वाला था।

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बेटे को यूं खींच ले गई मौत..
मढ़ा गांव के रहने वाले शशि धनसुख परमार मंडप डेकोरेशन का काम करते थे। उनकी बेटी ऊर्वी(17) जेएम पटेल हाईस्कूल में 12वीं साइंस की स्टूडेंट थी। उसका रविवार को प्रैक्टिकल एग्जाम था। शशि उसे बारडोली स्थित स्कूल लेकर जा रहा था। छुट्टी होने से उनका बेटा यश(14) भी उनके साथ हो लिया था।

मदद के लिए चिल्लाते रह गए..
एक चश्मदीद युवक के अनुसार कार नहर में गिरते ही शख्स(शशि) मदद के लिए चिल्लाने लगे कि उन्हें तैरना नहीं आता। उन्हें बचा लो। युवक ने घटना पर अफसोस जताते हुए कहा कि दुर्भाग्य से उसे भी तैरना नहीं आता। तीनों को बचाने के लिए यहां-वहां कुछ देखा..लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। नहर लबालब चल रही थी, लिहाज थोड़ी ही देर में उनकी कार पानी में डूब गई। बाद में पुलिस ने क्रेन की मदद से कार को नहर से निकाला। इसमें भाई-बहन की लाशें मौजूद थीं। लेकिन पिता दूर तक बहते चला गया। 

इससे पहले भी इसी नहर में एक ही परिवार के 5 लोगों की कार डूबने से मौत हुई थी। व्यारा का यह परिवार बामणी गांव के प्रसिद्ध मंदिर से दर्शन करके लौट रहा था। हैरानी का बात है कि कई दिनों तक इस घटना का पता तक नहीं चल पाया था। मृतकों के परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में किसी ने नहर में कार देखी और पुलिस को सूचित किया। तब यह घटना सामने आई।