हैदराबाद. लॉकडाउन की जहां एक तरफ लोग धज्जियां उड़ा रहे हैं तो वहीं कुछ लोग इसका सख्ती के साथ पालन भी कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला तेलंगाना में सामने आया है। जहां कोरोना वायरस के डर के चलते एक बेटे ने बाहर से आई अपनी  बुजुर्मांग को गांव में नहीं घुसने दिया।

हैदराबाद. लॉकडाउन की जहां एक तरफ लोग धज्जियां उड़ा रहे हैं तो वहीं कुछ इसका सख्ती के साथ पालन भी कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला तेलंगाना में सामने आया है। जहां महामारी के डर से एक बेटे ने बाहर से आई मां को गांव में नहीं घुसने दिया।

बेटे ने मां घर में नहीं घुसने दिया
दरअसल, सिरगापूर मंडल के गोइसाइपल्ली गांव के सरपंच लॉकडाउन का सख्ती के साथ पालन कर रहे हैं। उन्होंने अपने गांव की सुरक्षा के लिए बैरीकेटिंग कर दी है। वहीं सभी के आने-जाने पर नजर रखी जा रही है। इसी दौरान उन्होंने अपनी मां तक को एंट्री नहीं दी। जानकारी के मुताबिक, सरपचं की मां कुछ दिन पहले एक रिश्तेदार के यहां गई थीं। जब वापस अपने घर आईं तो बेटे ने उनको बाहर से ही घर नहीं आने के लिए मना कर दिया।

वापस रिश्तेदार के घर लौट गई मां
इतना ही नहीं मां और सरपंच बेटे में गांव में एंट्री नहीं देने पर झगड़ा भी हो गया। जहां बेटे ने मां से हाथ जोड़कर वापस अपने रिश्तेदार के यहां जाने के लिए कहा दिया। मजूबर होकर मां वापस वहीं लौट गई जहां से वो आई थीं।

गांव के बाहर डंडा लेकर खड़े रहते हैं सरपंच
सरपंच गांव की सीमा पर खुद डंडा लेकर खड़े रहते हैं। ताकि कोई बाहरी इंसान उनके गांव में प्रवेश नहीं कर सके। फिर चाहे किसी का बेटा या फिर किसी की पत्नी या मां ही ना क्यों हो। उन्होंने इसके लिए गांव के बाहर एक बैनर भी टांग रखा है। जिस पर लिखा है 'आप हमारे गांव मत आइए, हम आपके गांव नहीं आएंगे।' 

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