अब तक किसान आंदोलन में 200 से ज्यादा मौत हो चुकी है। इसके बावजदू भी किसान पीछे नहीं हट रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक तीनों कानून वापस नहीं होते वह डटे रहेंगे। शनिवार सुबह पंजाब के  होशियारपुर जिले से एक दिल को झकझोरर देने वाली खबर सामने आई है। जहां किसान पिता-पुत्र ने केंद्र सरकार से दुखी होकर सुसाइड कर लिया। 


जालंधर (पंजाब). कृषि कानून के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी है, 87 दिन होने के बावजूद भी किसान अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। इस बीच किसानों की आत्महत्या करने का सिलसिला भी नहीं रुक रहा है। शनिवार सुबह पंजाब के होशियारपुर जिले से एक दिल को झकझोरर देने वाली खबर सामने आई है। जहां किसान पिता-पुत्र ने केंद्र सरकार से दुखी होकर सुसाइड कर लिया। मरने से पहले दोनों ने मोदी सरकार के नाम एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है।

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एक झटके में पिता-पुत्र ने मौत को लगाया गले
बताया जाता है कि शुक्रवार देर रात होशियारपुर जिले के मुहद्दीपुर गांव में किसान जगतार सिंह और उनके बेटे कृपाल सिंह आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही पुलिस ने दोनों के शव बरामद कर मामले की जांच शरू कर दी है। बताया जाता है कि किसान परिवार पर कर्जा भी अधिक हो गया था। राज्य और केंद्र सरकार से नाराज होकर बाप बेटे ने सल्फास खाकर मौत को गले लगा लिया।

मोदी सरकार से दुखी होकर जिंदगी को कह गए अलविदा
मरने से पहले पिता पुत्रे ने सुसाइड नोट में लिखा ''केंद्र में मोदी सरकार हमारे किसान भाईयों के साथ धोखा कर रही है। तीन महीने होने के बाद भी पीएम हमारी नहीं सुन रहे हैं। कृषि कानूनों ने किसानों को बर्बाद कर दिया, फिर भी किसी को हमारी कोई सुध नहीं। वहीं राज्य में कैप्टन सरकार ने भी हमारा कर्ज माफ नहीं किया है। इसलिए हम दोनों परेशान होकर जिंदगी खत्म कर रहे हैं। अब जीने की कोई उम्मीद नहीं बची है''।

आंदोलन में 200 ज्यादा किसानों की हो चुकी मौत
बता दें कि अब तक किसान आंदोलन में 200 से ज्यादा मौत हो चुकी है। इसके बावजदू भी किसान पीछे नहीं हट रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक तीनों कानून वापस नहीं होते वह डटे रहेंगे। जिसमें कुछ किसानों ने आत्महत्या की है। तो वहीं कइयों की धरने को दौरैन ठंड या दिल के दौरे की वजह से मौत हो गई।