पंजाब CM पर बिक्रम मजीठिया का सबसे बड़ा हमला, खोला हनी-चन्नी के रिश्तों का राज,कहा-थ्री सी पार्टी है कांग्रेस

| Jan 22 2022, 02:08 PM IST

पंजाब CM पर बिक्रम मजीठिया का सबसे बड़ा हमला, खोला हनी-चन्नी के रिश्तों का राज,कहा-थ्री सी पार्टी है कांग्रेस
पंजाब CM पर बिक्रम मजीठिया का सबसे बड़ा हमला, खोला हनी-चन्नी के रिश्तों का राज,कहा-थ्री सी पार्टी है कांग्रेस
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सार

मजीठिया ने यहां तक दावा किया है कि पंजाब की कांग्रेस सरकार में लूट का पैसा कांग्रेस हाइकमान तक भी गया। अगर ईडी की रेड चन्नी और उनके भाई मनमोहन सिंह के घर पर पड़ती तो 300 करोड़ रुपए बरामद होंगे। 

चंडीगढ़। अकाली दल (Akali Dal) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया (Bikram Singh Majithia) ने शनिवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) पर जमकर हमला किया। मजीठिया ने चन्नी और उनके रिश्तेदार भूपेंद्र सिंह हनी (Bhupinder Singh Honey) के बीच रुपयों के गठजोड़ का भी दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति थ्री सी पर है। कांग्रेस, चन्नी और करप्शन।

उन्होंने कहा कि सीएम के रिश्तेदार के यहां से इतनी रकम मिली है। यदि सही जगह ईडी की रेड लग जाती तो कितनी रकम मिलती, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। चन्नी का हन्नी को पूरा समर्थन प्राप्त था, तभी वह रेत माइनिंग में इतना सक्रिय था। मजीठिया ने कुछ फोटोज को दिखाते हुए सीएम चन्नी की घेराबंदी की। उन्होंने कहा कि पुलिस यहां तक कि एसपी और डीसी भी हन्नी के इशारे पर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि ईडी की रेड से सवालों में आए इकबाल और बिंदर के साथ सीएम चन्नी मिलते रहते थे। उन्हें सीएम का प्यार और समर्थन मिलना रहता था।

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वरना हनी की कोई हैसियत ही नहीं...
उन्होंने यह भी कहा कि ईडी को हनी के ठिकानों पर जो करोड़ों रुपए मिले हैं, वे चन्नी के ही हैं। हनी की इतनी हैसियत ही नहीं है, जितने पैसे उनके घर में मिले हैं। इसकी जांच की जाएगी तो सच आते देर नहीं लगेगा। चन्नी से राज में सब काम हनी के जरिए होते थे। बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि भूपिंदर सिंह हनी के घर से 10 करोड़ रुपए कैश बरामद किया गया। भूपिंदर सिंह हनी कौन-सा बिजनेस करते हैं जो उनके घर से इतना कैश मिला, उनकी हैसियत ही क्या है? 

हर सरकारी कार्यक्रम में रहता था हनी
उन्होंने ये भी कहा कि हनी हर सरकारी कार्यक्रम में मौजूद रहता था। चन्नी और हनी एक ही हैं। चन्नी का मतलब हनी और हनी का मतलब पैसा। मजीठिया ने कहा कि सीएम चन्नी के विधानसभा क्षेत्र चमकौर साहिब में अवैध रेत खनन जारी है। बड़ी मात्रा में पैसा देश से बाहर भेजा जा रहा है। 

चन्नी के बेटे की शादी में सारे पैसे हनी ने ही खर्च किए थे
मजीठिया ने कहा कि सीएम चन्नी के रिश्तेदार भूपिंदर सिंह हनी के घर से 10 करोड़ रुपए कैश, 55 करोड़ रुपए की मनी ट्रेल, 12 लाख रुपए की रॉलेक्स घड़ी और 21 लाख रुपए का सोना बरामद हुआ है। भूपिंदर सिंह हनी, मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की साली का बेटा है। बस, ये उसकी पहचान है। इतना ही नहीं, सीएम चन्नी के बेटे की शादी में भी सारे पैसे हनी ने लगाए थे। उसी ने पूरा खर्चा उठाया था। सीएम चन्नी, हनी और मनी (रुपयों) का गठजोड़ है।

कांग्रेस को भी घेरा और पूछा- हनी पर इतनी मेहरबानी क्यों?
मजीठिया ने कांग्रेस को भी निशाना बनाया और पूछा कि आखिर कांग्रेस भूपिंदर सिंह हनी पर इतनी मेहरबान क्यों है? हनी को सिक्योरिटी क्यों दी गई? एके पांडे ने सीएम चन्नी की सुरक्षा में से भूपिंदर सिंह हनी को सुरक्षा दी। हनी कमाऊ पूत हैं, इसलिए उसे लाल बत्ती वाली गाड़ी दी गई। कमांडोज दिए गए। कांग्रेस हनी को बचा क्यों रही है? चन्नी, हनी को क्यों बचा रहे हैं? गणतंत्र दिवस पर हनी को सम्मानित करवाया गया। हर सरकारी प्रोग्राम में हनी जाता था।

वसूली का भी खेल रहा, वीडियो बम भी फोड़ा
मजीठिया ने कहा कि राकेश चौधरी वो है, जो गैरकानूनी माइनिंग करता है। वो पर्यावरण मंजूरी भी नहीं लेता है। ये गुंडा टैक्स वसूलते हैं। पुलिस अफसरों के तबादले करवाते हैं जो इनके इशारे पर काम करते हैं। मजीठिया ने चन्नी और हनी के तस्वीर और वीडियो जारी किए। हनी की सुरक्षा में तैनात कमांडो का वीडियो जारी किया और सवाल किया कि हनी की गाड़ी पर MLA का स्टिकर और लाइट कैसे लगी थी?

सरकार में लूट का पैसा कांग्रेस हाइकमान तक गया
मजीठिया ने यहां तक दावा किया है कि पंजाब की कांग्रेस सरकार में लूट का पैसा कांग्रेस हाइकमान तक भी गया। अगर ईडी की रेड चन्नी और उनके भाई मनमोहन सिंह के घर पर पड़ती तो 300 करोड़ रुपए बरामद होंगे। मजीठिया ने कहा कि ईडी ने चन्नी के रिश्तेदार के घर से 11 करोड़ से ज्यादा नकदी और सोना बरामद किया। कांग्रेस को इस मामले में सीएम चन्नी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। इसके उलट कांग्रेस हाइकमान चुनाव आयोग से मांग कर रहा है कि ईडी रेड रोकी जाए, इससे जाहिर है कि लूट का पैसा कांग्रेस हाइकमान तक गया।

ईडी की रेड पर लगातार हमलावर है विपक्ष
सीएम चन्नी के रिश्तेदार के घर समेत अन्य ठिकानों पर ईडी ने 4 दिन पहले अवैध खनन से जुड़े एक मामले में रेड मारी थी। टीम ने चन्नी के रिश्तेदार के घर से 3 करोड़ से ज्यादा कैश बरामद किया था। इसके अलावा, अन्य ठिकानों से भी 7 करोड़ से ज्यादा कैश बरामद हुआ था। ईडी ने चन्नी के रिश्तेदार पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज किया है। इस घटनाक्रम के बाद आम आदमी लगातार सीएम चन्नी पर हमलावर है। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तो चन्नी को बेईमान तक कह दिया। केजरीवाल के इस बयान पर चन्नी ने मानहानि का केस दर्ज कराने की बात कही है। वहीं, भाजपा भी पूछ रही है कि आखिर उनके रिश्तेदार भूपिंदर सिंह हनी से बरामद पैसा किसका है?। 

ड्रग्स केस में मजीठिया को मिली है अंतरिम जमानत
बता दें कि बिक्रम मजीठिया के खिलाफ हाल ही में चन्नी सरकार ने ड्रग केस में एफआईआर दर्ज करवाई थी, जिसके बाद मजीठिया फरार हो गए और फिर बाद में हाइकोर्ट से अंतरिम जमानत से मिल गई। उसके बाद मजीठिया सामने आए और चन्नी सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी।

चन्नी पर अकाली दल का हमला देरी से हुआ, लेकिन जोरदार रहा
पंजाब के सीएम चन्नी के रिश्तेदारों पर ईडी की रेड के कई दिन बाद अकाली दल हमलावर हुआ है। इसकी वजह यह है कि अकाली दल पर खुद अवैध माइनिंग के आरोप लगते रहे हैं। बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू लगातार हमलावर रहे हैं। इतना ही नहीं, नशे के आरोपों में उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है। मजीठिया अकाली दल के फायरब्राण्ड नेता हैं। वह विपक्ष पर अच्छे से हमला करते हैं। यह भी एक वजह है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष उन पर हमलावर होकर अकाली दल को बैकफुट पर करने की कोशिश में रहते हैं। लेकिन ईडी की रेड ने कांग्रेस को घेर लिया है। अकाली दल ने अब जिस जोरदार तरीके से कांग्रेस और सीएम पर हमला बोला है, इससे एक बात तो साफ है कि अकाली दल अब कांग्रेस से अवैध रेत माइनिंग में सवाल तो करेगा, इसके साथ ही चुनाव में यह बड़ा मुद्दा बनाने की भी पूरजोर कोशिश करेगा।

रणनीति के तहत हमलावर हुआ अकाली दल
अकाली दल ने सीएम पर हमला करने से पहले रणनीति तैयार की। पहले यह सोचा गया कि यदि इस मामले को मुद्दा बनाते हैं तो इससे अकाली दल को क्या दिक्कत आ सकती है, इसका फायदा क्या मिल सकता है। पार्टी के रणनीतिकारों ने जब बताया कि मामला उठाना अकाली दल के लिए मुफीद रहेगा। इसके बाद विक्रम मजीठिया को ही हमले की कमान दी गई। क्योंकि कांग्रेस में विक्रम मजीठिया पर ही सबसे ज्यादा हमले हुए हैं। अकाली दल का मानना है कि ईडी की रेड हमलों का बदला लेने का उचित मौका है। इसलिए अकाली दल हम रेड को लेकर कांग्रेस खासतौर पर सीएम पर हमलावर हो रहा है। जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में अकाली दल की ओर से कांग्रेस पर इस तरह के सियासी हमले और ज्यादा तेज हो सकते हैं।

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