दिवाली पर आतिशबाजी करते वक्त जरा-सी लापरवाही कितना बड़ा हादसा करा सकती ये घटनाएं इसका उदाहरण हैं। पटाखों से छूटतीं चिंगारियों ने चार लोगों की जिंदगी में अंधेरा कर दिया।

चंडीगढ़. इस बार की दिवाली कुछ परिवारों में अंधेरा कर गई। जरा-सी लापरवाही ने चार लोगों की आंखों की रोशनी छीन ली। दिवाली पर पटाखों की चिंगारी सीधे कुछ लोगों की आंखों में जा घुसी। उन्हें फौरन पीजीआई हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन उनकी आंखों की रोशनी नहीं बचाई जा सकी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

11 मरीजों को हॉस्पिटल पहुंचाया गया..
अलग-अलग घटनाओं में पटाखों की चिंगारी से घायल 11 लोगाों को देर रात पीजीआई लाया गया था। इनमें से चार लोगों की आंखें चिंगारी से बुरी तरह जख्मी हो गई थीं। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि इनकी आंखों की रोशनी लौट पाना शायद असंभव है। इन घायलों में पंजाब से एक, जबकि हरियाणा और हिमाचल से दो थे। पीजीआई के एडवांस आई सेंटर में देर रात इनकी आंखों की सर्जरी की गई। डॉक्टरों ने कहा कि अब यह पट्टी खुलने के बाद ही पता चलेगा कि इनका विजन कितने परसेंट लौटेगा। ऐसे मामलों से निपटने पीजीआई के आई केयर सेंटर में डॉक्टरों की शनिवार से लेकर मंगलवार तक इमरजेंसी ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे मरीजों के लिए 20 बेड भी रिजर्व रखे गए हैं। पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर जगत राम ने बताया कि डॉक्टरों की यही कोशिश है कि किसी भी मरीज की आंखों की रोशनी न जाए।