किस पंजाबी सिंगर हरबीर सिंह सोहल की Thar से 5 Kg हेरोइन और कैश बरामद हुआ?क्या वह ऑस्ट्रेलिया से ऑपरेट हो रहे ड्रग रैकेट में “कूरियर” की भूमिका निभा रहा था?कैसे जांच में नेटवर्क के अन्य सदस्य और विदेशी लिंक सामने आए?क्या इस मामले में गैंगस्टर कनेक्शन और फंडिंग की गहन जांच आगे बढ़ेगी?

चंडीगढ़: पंजाब में नशे के काले कारोबार के खिलाफ जारी अभियान के तहत सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मशहूर पंजाबी सिंगर हरबीर सिंह सोहल को मोहाली से गिरफ्तार किया गया है, जिसके तार सीधे तौर पर ऑस्ट्रेलिया से संचालित होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हैं। इस पूरे घटनाक्रम और जांच की कड़ियों को समझने के लिए नीचे 5 सबसे महत्वपूर्ण बिंदु दिए गए हैं:

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महिंद्रा थार से 5 KG हेरोइन और 'ड्रग मनी' बरामद

इस पूरे मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान पंजाबी सिंगर हरबीर सिंह सोहल की लग्जरी महिंद्रा थार (Mahindra Thar) गाड़ी को रोका। कार की सघन तलाशी लेने पर पुलिस टीम दंग रह गई; गाड़ी के भीतर से 5 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन और लगभग ₹1.50 लाख की 'ड्रग मनी' (नकद) बरामद की गई। इसके तुरंत बाद सिंगर को पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया।

चमकती दुनिया के पीछे छुपा 'वीआईपी कूरियर' का चेहरा

मूल रूप से अमृतसर का रहने वाला और वर्तमान में मोहाली में आलीशान जिंदगी जी रहा हरबीर सिंह सोहल पंजाब की म्यूजिक इंडस्ट्री का एक उभरता हुआ चेहरा है। हालांकि, पुलिस की गहन पूछताछ में जो सच सामने आया, उसने सबको चौंका दिया। वह इस रैकेट में केवल एक नशा करने वाला नहीं, बल्कि पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षित रूप से ड्रग्स डिलीवर करने वाले एक हाई-प्रोफाइल 'कूरियर' के रूप में सक्रिय था।

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ऑस्ट्रेलिया से 'रिमोट कंट्रोल' ऑपरेट कर रहा है मास्टरमाइंड 'जनता'

सिंगर हरबीर सोहल ने रिमांड के दौरान कबूला कि पकड़ी गई 5 किलो हेरोइन की यह विशाल खेप गुरजंत सिंह उर्फ 'जनता' की थी। 'जनता' इस समय भारत में नहीं है, बल्कि वह ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षित धरती पर बैठकर इस पूरे नेटवर्क को एक वीडियो गेम की तरह रिमोट से चला रहा है। वही ऑस्ट्रेलिया से इस रैकेट की पूरी फंडिंग संभालता है और तय करता है कि पंजाब में ड्रग्स की सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन किस तरह किया जाएगा।

लुधियाना से शिमलापुरी तक... गिरफ्तारी की कड़ी कैसे जुड़ती गई?

इस केस की शुरुआत 7 मार्च को हुई, जब लुधियाना में अक्षय कुमार को ड्रग्स के साथ पकड़ा गया। उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने विशाल और संजीव को गिरफ्तार किया, जो शिमलापुरी के रहने वाले हैं। पूछताछ के दौरान इन सभी कड़ियों को जोड़ते हुए हरबीर सिंह सोहल का नाम सामने आया, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें धीरे-धीरे खुलती चली गईं।

पैसा, पावर और गैंगस्टर कनेक्शन की जांच

इस मामले का सबसे खतरनाक पहलू तब सामने आया जब जांच के दौरान इसमें पंजाब के कुख्यात और मृत गैंगस्टर जयपाल भुल्लर के सिंडिकेट का नाम भी जुड़ गया। सुरक्षा एजेंसियां अब बहुत गंभीरता से इस थ्योरी पर काम कर रही हैं कि क्या इस ड्रग नेटवर्क से कमाए गए करोड़ों रुपयों का इस्तेमाल पंजाब में दोबारा टारगेट किलिंग, संगठित अपराधों या किसी बड़ी देश विरोधी गतिविधि की फंडिंग के लिए किया जा रहा था।