होशियारपुर CCTV वीडियो में अस्पताल ट्रांसफर के दौरान कैदी नसीब सिंह और पुलिसकर्मी की रस्सी से बंधी रहस्यमयी भिड़ंत कैद। हत्या आरोपी ने चाकू से हमला किया, गोलियां चलीं और वह ढेर हो गया। हथियार की एंट्री और SIT जांच ने मामले को और रहस्यमय बना दिया।

होशियारपुर: पंजाब के होशियारपुर में शनिवार दोपहर एक ऐसा खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकया सामने आया, जिसने कानून-व्यवस्था और पुलिस सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सिविल अस्पताल के बाहर एक संकरी गली में एक पुलिस कांस्टेबल और हत्या के आरोपी कैदी के बीच बीच-सड़क पर खूनी जंग छिड़ गई। दोनों के हाथ एक ही रस्सी से बंधे हुए थे और वे आपस में गुत्थम-गुत्था हो रहे थे। महज कुछ ही सेकंड में यह पूरी घटना किसी बॉलीवुड एक्शन फिल्म के क्लाइमेक्स की तरह एक अराजक एनकाउंटर में बदल गई, जिसका अंत आरोपी की मौत और पुलिसकर्मी के गंभीर रूप से घायल होने के साथ हुआ।

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दोपहर 1:30 बजे की वो संकरी गली: जब ई-रिक्शा के अंदर भड़क उठी हिंसा

घटना शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे की है। होशियारपुर सेंट्रल जेल से चार पुलिसकर्मी तीन कैदियों को कोर्ट में पेशी से पहले रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए सिविल अस्पताल ले गए थे। अस्पताल से जांच कराकर जब टीम वापस लौट रही थी, तभी ई-रिक्शा के भीतर अचानक अफरा-तफरी मच गई।

कैदियों में शामिल नसीब सिंह नाम का एक खतरनाक अपराधी, जिस पर हत्या, हत्या के प्रयास और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत सात संगीन मामले दर्ज थे, उसने भागने का प्लान बना रखा था। ई-रिक्शा के अंदर ही उसने सीनियर कांस्टेबल जसदीप सिंह पर अचानक हमला कर दिया। इसके बाद यह हिंसक झड़प रिक्शे से बाहर निकलकर सड़क पर फैल गई।

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रस्सी से बंधे दो शरीर और मौत की हाथापाई: CCTV में कैद हुआ खौफनाक सच

"अस्थमा से पीड़ित कांस्टेबल और सात मुकदमों के आरोपी के बीच बीच-सड़क पर जिंदगी और मौत की जंग चल रही थी..." सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक नाटकीय और दिल दहला देने वाले सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में देखा जा सकता है कि सीनियर कांस्टेबल जसदीप सिंह और आरोपी नसीब सिंह एक ही रस्सी से बंधे हुए हैं। रस्सी से बंधे होने के बावजूद नसीब सिंह ने छिपाकर रखा एक तेज धारदार चाकू निकाला और कांस्टेबल जसदीप पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। जसदीप सिंह अस्थमा के मरीज हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए आरोपी को दबोचे रखा। दोनों सड़क पर गिरते हैं, धूल में लथपथ होते हैं, लेकिन आरोपी लगातार वार करता रहता है। इसी हाथापाई के बीच, नसीब सिंह ने कांस्टेबल की सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की, जिसके बाद हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए।

बीच सड़क पर गूंजी गोलियां: रिवॉल्वर छीनने की कोशिश में अपराधी ढेर

एसएसपी (SSP) संदीप कुमार मलिक के मुताबिक, जब आरोपी ने कांस्टेबल की सर्विस रिवॉल्वर पर कब्जा करने की कोशिश की, तो आत्मरक्षा और आरोपी को रोकने के लिए दोनों के बीच हथियार पर नियंत्रण की जंग शुरू हो गई। इसी छीनाझपटी के दौरान रिवॉल्वर से अचानक गोलियां चल गईं। सीधे पॉइंट-ब्लैंक रेंज से लगी गोली नसीब सिंह को लगी और वह वहीं ढेर हो गया। दूसरी ओर, इस खूनी संघर्ष में सीनियर कांस्टेबल जसदीप सिंह के चेहरे, हाथों और पैरों पर गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें खतरे से बाहर बताया है।

जेल सुरक्षा पर बड़ा सवाल: कस्टडी में कैसे पहुंचा धारदार हथियार?

इस सनसनीखेज वारदात के बाद पंजाब पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मृत कैदी के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है। सबसे बड़ा सस्पेंस और सवाल यह है कि आखिर जेल कस्टडी में होने के बावजूद नसीब सिंह के पास वह घातक चाकू कैसे आया? क्या यह हथियार अस्पताल ले जाते समय रास्ते में किसी ने उसे सप्लाई किया था, या फिर जेल के अंदर से ही सुरक्षा में कोई बड़ी चूक हुई थी? इन सभी सुलगते सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है, जो इस पूरी साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है।