कोटा के जेके अस्पताल में एक महीने में 77 बच्चों की मौत के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- ये कोई नई बात नहीं है। इस साल कम मौते हुई हैं।

कोटा (राजस्थान). कोटा के जेके अस्पताल में एक महीने में 77 बच्चों की मौत के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। जहां लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला भी इस पर चिंता व्यक्त कर चुके हैं। वहीं राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- ये कोई नई बात नहीं है।

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सीएम ने कहा- ये कोई नई बात नहीं...
जब मीडिया ने उसने बच्चों की मौत पर सीएम से सवाल किया तो उन्होंने कहा-अन्य वर्षों की तुलना में इस साल कम मौते हुई हैं। पिछले 6 साल से में इस वर्ष इनकी संख्या कम हुई है। उन्होंने कहा- हर हॉस्पिटल में चार से पांच मौते तो होती ही रहती हैं। यहां कोई ये नई बात नहीं है। इसके बाद यूटर्न लेते हुए कहा-मैंने मामले की पूरी जांच करवाई है। इसके लिए शुक्रवार के दिन कोटा एक स्पेशल टीम भेजी है। जो दोषी पाया जाएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।

2 दिन तोड़ा 10 बच्चों ने तोड़ा दम
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर महीने में इन बच्चों की मौत कोटा के जेजे लोन हॉस्पिटल की बदइंतजामी और डॉक्टरों की लापरवाही की वजह हुई हैं। वहीं पिछले दो दिनो यानी सोमवार-मंगलवार को 10 बच्चों की मौत हो चुकी है। इतनी बड़ी संख्या में मौत हो जाने के बाद भी हॉस्पिटल ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। जिला प्रशासन से लेकर अस्पताल प्रबंधन तक इन बच्चों की मौत को नॉर्मल बता रहा है। वहीं डॉक्टरों ने किसी तरह की लापरवाही से भी इनकार किया है। 

कहीं इस वजह से तो नहीं हुई बच्चों की मौत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन बच्चों की मौत स्वाभाविक और सामान्य नहीं थी। बल्कि इनकी मौत के पीछे नवजात वार्ड में सीवर लीक समस्या बताई जा रही है। जिसके चलते इन मसूमों के शरीर में इन इनफेक्शन फैल सकता है। हालांकि अभी तक बच्चों की मौत के पीछे सही कारण सामने नहीं आया है।

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