राजस्थान में मॉल लिंचिंग का एक और मामला सामने आया है। यहां एक गांव से बकरी चोरी हो गई थी। गांववालों ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। घटना के बाद एक इनमें से एक युवक गांव में घूमते मिल गया था। बस फिर क्या था, लोगों ने उसे पकड़ लिया और फिर खूब प्रताड़ित किया।

चित्तौड़गढ़. राजस्थान में मॉब लिंचिंग का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बकरी चोरी के इल्जाम में गांववालों ने एक युवक को निर्वस्त्र करके जमकर पीटा। घटना चित्तौड़गढ़ जिले के सेमलपुरा गांव की है। इस घटना का वीडियो सामने आया है। युवक को पीटने वाले किसी एक शख्स ने ही इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। पुलिस के मुताबिक, कोतवाली में गोरुलाल कंजर, अनिल कंजर और मनीष कंजर के खिलाफ बकरी चोरी का मामला दर्ज कराया गया था। तीनों फरार थे। इनमें से एक युवक गांव में घूमते देखा गया था। इस पर लोगों ने उसे पकड़ लिया और पिटाई कर दी।

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मॉब लिंचिंग के खिलाफ सरकार सख्त
राजस्थान सरकार मॉब लिंचिंग के खिलाफ सख्त कानून ला रही है। इससे पहले मप्र सरकार गोरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा रोकने कानून बना चुकी है। लेकिन राजस्थान इससे एक कदम आगे है। उसके कानून में भीड़ से जुड़ी हर हिंसा शामिल की गई है। चाहे वो धर्म-जाति, भाषा या समुदाय से जुड़ी हो या फिर सियासी या अन्य तरह की हिंसा। इसमें दो या दो से ज्यादा लोगों को मॉब की परिभाषा में रखा गया है। हर पीड़ित की मौत होती है, तो आरोपियों को उम्र कैद के साथ 5 लाख रुपए का जुर्माना भी भरना होगा। वहीं गंभीर घायल होने पर आरोपियों को 10 साल की सजा और 3 लाख रुपए तक का जुर्माना होगा। वहीं साधारण मारपीट पर भी 7 साल की सजा हो सकती है।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई तो..
बिल में प्रावधान में किया गया है कि अगर कोई भी शख्स समाज में घृणा या हिंसा फैलाने वाले संदेश सोशल मीडिया या अन्य किसी माध्यम से प्रसारित-प्रचारित करता है, तो उसे 5 साल की सजा और एक लाख रुपए तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

ऐसा है कानून
-मॉब लिंचिंग से जुड़े मामले की जांच इंस्पेक्टर रैंक का अफसर ही करेगा।
-सुनवाई स्पेशल कोर्ट में हो सकती है।
-पीड़ित व्यक्ति को फ्री में कानूनी सहायता मिलेगी।