राजस्थान के अजमेर शहर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर 18 जनवरी से उर्स शुरू होने वाला है। इसके चलते अन्य राज्यों के लाखों जायरीन पहुंचने वाले है। उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सीएम अशोक गहलोत ने ये बड़ी घोषणा की है। पढ़िए पूरी खबर।

अजमेर (ajmer). विश्व विख्यात अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में सालाना उर्स 18 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। 18 जनवरी से लेकर 1 फरवरी तक चलने वाले इस उर्स में केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि देश के सभी राज्यों से लाखों की संख्या में जायरीन पहुंचेंगे। और शुरू होने से पहले आज प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बड़ी घोषणा की है। गहलोत ने उस के दौरान राजस्थान में आने वाली बसों के मोटर वाहन टैक्स में बड़ी रियायत दी है।

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मोटर वाहन टैक्स से मिलेगी निजात
दरअसल जब भी राजस्थान में दूसरे स्टेट से कोई बस आती है तो उस पर मोटर वाहन टैक्स लगता है। जो प्रतिदिन करीब 1600 रुपए होता है। कम से कम 5 दिन का टैक्स बस मालिकों को जमा करवाना होता है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की घोषणा के मुताबिक अब बस राजस्थान में चाहे कितने ही दिन क्यों आ रहे। उसे 7000 रुपए से ज्यादा टैक्स नहीं देना होगा। यह रियायत मिलने के बाद यदि कोई बस राजस्थान आती है तो उसे 7 दिन का टैक्स करीब 12 हजार नही बल्कि 7 हजार रुपए ही देना होगा। उर्स शुरू होने से पहले इसे सीएम अशोक गहलोत की बड़ी घोषणा माना जा रहा है। 

811वें उर्स में पहुंचेगे कई विदेशी जायरिन भी
इस बार अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का यह 811 वा उर्स होगा। झंडा लगाने की रस्म 18 जनवरी को पूरी हो जाएगी। इसके बाद माना जा रहा है कि चांद दिखाई देने पर 22 जनवरी से मुख्य आयोजनों की शुरुआत होगी। जो करीब 1 फरवरी तक चलेंगे। इस दौरान यहां देश ही नहीं बल्कि अफगानिस्तान कजाकिस्तान ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड समेत कई देशों से जायरीन पहुंचेंगे। 

पूरे अजमेर में केवल ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह ही एक ऐसा पर्यटक स्थल है। जहां हर महीने यह दिन कोई ना कोई वीआईपी मूवमेंट रहता है। हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह कर इबादत की थी। इसके अलावा हर साल यहां बड़े नेता और बॉलीवुड एक्टर एक्ट्रेस भी आते रहते हैं।