अमृतसर में रहने वाला एक परिवार हादसे से एक दिन पहले जयपुर पहुचा हुआ था। क्योंकि उनके बेटे की सगाई होनी थी। युवक अपनी बहन को बुलेट से लेकर जयुपर पहुंचा था। जहां वह अपने मौसी के यहां पर रुके हुए थे। इसी दौरान भाई बहन को लेकर आमेर फोर्ट घूमाने के लिए बाइक से निकल गया। 

जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर के आमेर के किले के पास रविवार को कुदरत का कहर ऐसा टूटा की बिजली गिरने से और अलग अलग घटनाओं में सात बच्चों सहित 20 लोगों की मौत हो गई। किसी के पिता तो किसी के बेटा दुनिया को छोड़ गया। पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। ऐसी ही एक दुखद कहानी सामने आई है, जिसे जान हर किसी की आंखों में आंसू निकल रहे हैं। बहन की मौत से भाई इतना दुखी है कि वह बिलखते हुए कहने लगा कि 'अब मैं जीकर क्या करूंगा..मेरी प्यारी बहन चली गई में भी मरूंगा'। कुछ देर बाद ही उसकी भी सांसे थम गईं।

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सगाई के लिए आए हुए थे दोनों...लेकिन घर लौटे शव
दरअसल, अमृतसर में रहने वाला एक परिवार हादसे से एक दिन पहले जयपुर पहुचा हुआ था। क्योंकि उनके बेटे की सगाई होनी थी। युवक अपनी बहन को बुलेट से लेकर जयुपर पहुंचा था। जहां वह अपने मौसी के यहां पर रुके हुए थे। इसी दौरान भाई बहन को लेकर आमेर फोर्ट घूमाने के लिए बाइक से निकल गया। तभी आकाशीय बिजली गिरी और बहन की मौत हो गई। भाई भी हादसे में घायल हो गया। उसने परिवार को फोनकर कहा कि दीदी नहीं बची हैं और मैं भी मरने वाला हूं। फोन कटने के कुछ देर बाद युवक की भी जान चली गई।

युवक का आखिरी कॉल-अब मैं नहीं बचूंगा...
मृतक भाई-बहन की पहचान पुलिस ने 31 साल का अमित और 25 साल की शिवानी के तौर पर की। दोनों 700 किलोमीटर दूर अमृतसर से जयपुर अपनी मौसी के घर आए थे। युवक बुलेट पर यात्रा करने का शौक था, इसीलिए उसने टैक्सी हायर नहीं की थी। अमित के मौसेरे भाई राजेश शर्मा जयपुर के सांगानेर में रहते हैं। उन्होंने मीडिया को बताया कि अमित की सगाई की बात चल रही थी, इसलिए वह यहां पर आए हुए थे। रविवार को मौसम अच्छा था, इसलिए दोनों किले की तरफ घूमने के लिए गए हुए थे। लेकिन कुछ देर बाद अमित का फोन आया कि शिवानी नहीं रही, अब मेरी भी मौत होने वाली है।