भरतपुर में 4 साल पहले हुए नाबालिग से रेप के मामले में आज फाइनल सुनवाई में कोर्ट ने सभी गवाहों और पेश किए गए सबूतों के आधार पर आज आरोपी को आजीवन जेल में रहने की सजा सुनाई।

भरतपुर (bharatpur).जिले के भुसावर थाना क्षेत्र में उस समय माता पिता ने सुकून की सांस ली जब उनकी बेटी के साथ हुए अन्याय की लड़ाई में आरोपी को सजा सुनाई गई। दरअसल 4 साल पहले एक दरिंदे ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। नाबालिग पीड़िता पर इस घटना का इतना गहरा सदमा पहुंचा कि उसने इससे आहत होकर खुद को मौत के गले लगाना सही लगा और उसने सुसाइड कर लिया। अपनी बेटी को न्याय और आरोपी को सजा दिलाने के लिए परिजन चार साल से संघर्ष कर रहे थे। मंगलवार को आखिर नाबालिग मृतका को न्याय मिल गया। आज स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।

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ये था मामला
भुसावर थाना क्षेत्र में 10 सितंबर 2018 को आरोपी अशोक ने नाबालिग को सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना से नाबालिग बालिका इतनी आहत हुई कि उसने सुसाइड का रास्ता चुन लिया। घटना के बाद परिजनों परिजनों ने भुसावर थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया। पीड़िता के घरवाले चार साल से मृतका बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करते रहे। उनकी यह मेहनत रंग लाई और कोर्ट ने नाबालिग को कोर्ट ने न्याय दिलाया और आरोपी को सजा सुनाई।

मिली आजीवन कारावास की सजा
मंगलवार को स्पेशल पोक्सो कोर्ट संख्या एक न्यायाधीश दीपा गुर्जर ने मामले की सुनवाई की। पूरे मामले में न्यायालय प्रक्रिया के दौरान 23 गवाह और 29 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। जिसके बाद डीएनए रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने मंगलवार को आरोपी के विरुद्ध अपराध साबित होने पर सजा सुनाई गई। न्यायाधीश दीपा गुर्जर ने आरोपी अशोक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी को 50 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।

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