राजस्थान में किसानों ने रविवार को फिर आंदोलन की राह पकड़ ली है। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बीच इस दौरान किसान रेलवे की पटरियों व हाइवे को जाम कर बैठ गए। जिससे रेल और सड़क परिवहन ठप्प होने से राहगिरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

सीकर. केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों को लेकर हुए समझौते को लागू नहीं करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर राजस्थान में किसानों ने रविवार को फिर आंदोलन की राह पकड़ ली। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने कई जिलों में चक्का जाम प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बीच इस दौरान किसान रेलवे की पटरियों व हाइवे को जाम कर बैठ गए। जिससे रेल और सड़क परिवहन ठप्प होने से राहगिरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बठिंडा में रेलवे ट्रेक पर प्रदर्शन के चलते चार ट्रेनों को रद्द तक करना पड़ा। 

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बठिंडा स्टेशन के पास दिया धरना
बठिंडा में किसान रेलवे स्टेशन के पास ही पटरियों पर धरने पर बैठ गए। जहां किसानों ने केंद्र सरकार को वादा खिलाफ बताते हुए नारे लगाए। करीब दो घंटे चले प्रदर्शन में मांग जल्द पूरी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी। रेलवे ट्रेक रोकने व दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे पर नॉन इंटरलॉकिंग कारण के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे पर संचालित होने वाली कई चार ट्रेन रद्द हो चुकी है। इनमें एक ट्रेन रविवार की, दो ट्रेन सोमवार और एक ट्रेन गुरूवार की शामिल है।

ये ट्रेन हुई रद्द
1. गाड़ी संख्या 14735, श्रीगंगानगर-अंबाला 31 जुलाई को रद्द रहेगी।
2. गाड़ी संख्या 14736, अंबाला-श्रीगंगानगर 1 अगस्त को रद्द रहेगी।
3. गाड़ी संख्या 20843, बिलासपुर-भगत की कोठी 1 अगस्त को रद्द रहेगी।
4. गाड़ी संख्या 20844, भगत की कोठी-बिलासपुर 4 अगस्त को रद्द रहेगी।

सीकर में टोल बूथों को किया जाम
संयुक्त किसान मोर्चा ने सीकर में जिले के टोल बूथ व हाईवे पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान रशीदपुरा व अखेपुरा टोल बूथ सहित किसानों धोद में स्टेट हाइवे को रोककर प्रदर्शन किया। इस दौरान हर ओर रास्तों पर वाहनों का लंबा रैला लग गया। प्रदर्शनकारियों ने यहां भी धरने पर बैठकर नारे लगाते हुए आक्रोश जताया। इस बीच रशीदुपरा व अखैपुरा में रास्ता जाम होने से राहगिरों ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आक्रोश जताया। उनका कहना था कि सरकार के खिलाफ लड़ाई में आम लोगों को परेशान करना सरासर गलत है। किसानों के नाम पर चक्का जाम कर प्रदर्शन करने से ट्रक व ट्रेक्टर चलाने वाले मजदूर व किसानों को भी परेशानी हो रही है।