Asianet News HindiAsianet News Hindi

हिमाचल प्रदेश चुनाव 2022 में भी राजस्थान के सीएम गहलोत का मास्टर स्ट्रोक: पुरानी पेंशन को बनाया चुनावी मुद्दा

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने हिमाचल प्रदेश के चुनाव प्रचार के दौरान खेला मास्टर स्ट्रोक। यहा इलेक्शन कैंपेन के दौरान बोले- पीएम मोदी पुरानी पेंशन स्कीम को पूरे देश में लागू करें। कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव की कमान सौंपी है।

himachal pradesh assembly election 2022 rajasthan congress cm and election campaign leader said PM modi should relaunch old pension scheme in whole country asc
Author
First Published Nov 10, 2022, 1:31 PM IST

जयपुर (jaipur). हिमाचल में चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। 12 नवम्बर होने वाले चुनावों से पहले अब भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही यहां व्यापक प्रचार प्रसार (election campaign) शुरू कर दिया है। दोनों दल अलग अलग राज्य के नेताओं को स्टार प्रचारक बनाकर हिमाचल में सभाएं करवा रहे हैं। राजस्थान से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने वहां कांग्रेस की बागडोर संभाली हुई है।

CM अशोक गहलोत ने खेला मास्टर स्ट्रोक
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हिमाचल जाकर एक बड़ा मास्टर स्ट्रोक खेला है। उन्होंने वहां पुरानी पेंशन योजना को चुनावी मुद्दा बनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसे पूरे देश में लागू करने की बात कही है। गहलोत ने अपनी सभा में खुलेआम कहा है कि यदि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनती है तो वहां भी पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया जाएगा। गहलोत ने कहा है कि उनके पास राजस्थान में किसी भी नेता का नया कोई पार्टी का दबाव नहीं था कि पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया जाए पूर्वी नाम लेकिन इसके बाद भी उन्होंने इसे जनहित और सरकारी कर्मचारियों के हित में देखते हुए लागू किया। गौरतलब है कि इससे पहले 2 दिन तक सचिन पायलट ने भी हिमाचल में सभा की थी। 

क्या है पुरानी पेंशन स्कीम
दरअसल पुरानी पेंशन स्कीम के तहत पूर्व की भांति मिलने वाले सेवानिवृत्ति (retirement) लाभ वापस शुरू हो जाते हैं। नई पेंशन स्कीम के जरिए इसमें प्रावधान खत्म हो चुके थे। ऐसे में सेवानिवृत्ति पर केवल एक बार ही एक मुस्त पैसा मिलता था। लेकिन पुरानी पेंशन योजना में एकमुश्त के अलावा रिटायर्ड कर्मचारी को उसकी मृत्यु तक पेंशन भी मिलती थी। सियासी जानकारों की माने तो इस मुद्दे का कांग्रेस को हिमाचल में फायदा मिलेगा।

आपको बता दें कि राजस्थान में बीते दिनों हुई सियासी घटनाक्रम का हल भी गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव के नतीजों से ही निकलेगा। यहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों ही लगातार चुनावी सभाएं और प्रचार कर रहे हैं। जो नेता जितना ज्यादा जीत दिला पाएगा राजस्थान में उसका ही भविष्य रोशन माना जाएगा आलाकमान इसके आधार पर ही दोनों के भविष्य को लेकर फैसला करेगा।

यह भी पढ़े- मैनपुरी उपचुनाव के लिए सपा ने डिंपल यादव को बनाया प्रत्याशी, मुलायम सिंह के निधन के बाद खाली हुई थी सीट

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios