कल शनिवार को जयपुर के एक कुएं में तीन सगी बहनों ने कूंदकर आत्यहत्या कर ली थी। उनके साथ दो मासूम बच्चे भी थे, जिनकी भी मौत हो गई। वहीं दो महिलाओं के पेट में दो बच्चे पल रहे थे, जो  कोख में ही चल बसे।


जयपुर (राजस्थान). राजधानी जयपुर के ग्रामीण क्षेत्र से से कल शनिवार को एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया था। जहां एक कुएं से पांच लाशें बरामद हुई थीं। जिसमें तीन सगी बहनें और दो उनक मासूम बच्चे शामिल थे। अब घटना के 24 घंटे बाद पुलिस इस केस में कई चौंकाने वाले खुलासे कर रही है। पुलिस ने तीनों बहनों के पति और उनके ससुरालवालों को खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। युवतियों ने मरने से पहले whatsapp. स्टेटस भी बदला था। जिसमें उन्होंने लिखा-अब ऐसे जीने से मरना बेहतर होगा।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

स्टेटस में लिखा-ऐसे जीने से बेहतर होगा मर जाना....
दरअसल, कुएं में कूदकर अपनी जीवन समाप्त करने वाली इन तीनों बहनों के नाम कालू देवी, ममता देवी, कमलेश देवी था। इन तीनों में एक महिला ने शनिवार सुबह अपने मोबाइल में नया स्टेटस लगाया था। जिसमें लिखा- वह अपने ससुराल वालों से बहुत परेशान हैं। उन्होंने हमारी जिंदगी नरक बना दी है। सभी लोग इताना प्रताड़ित कर चुके हैं कि अब ऐसे जीन से मर जाना बहेतर होगा। तीनों विवाहिताओं को शुरू से ही उनके पतियों ,सास संतोष मीणा, एवं जेठानी मीनू मीणा के द्वारा मारपीट कर दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। उनकी जिंदगी नरक बना दी थी।

24 घंटे बाद फिर इसी कुएं निकला एक नवजात का शव
आज इस घटनाक्रम के 24 घंटे बीत जाने के बाद आज फिर से उस गांव में हड़कंप मच गया। दरअसल जिस कुएं से कल शव मिले थे आज उसी कुए से एक शव और मिला है। यह शब एक नवजात बच्चे का है । जिसकी गर्भनाल भी नहीं कटी हुई है। अब यह बड़ा सवाल पैदा होता है कि इस बच्चे की मां कौन है, कल इसी कुएं से निकाले गए शवों में दो शव गर्भवती महिलाओं के भी थे। फिलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच बेहद गंभीरता से कर रही है। चिकित्सकों और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। 

शादी के पति कहने लगे थे कि तीनों मर चुकी हैं
वहीं तीनों बेटियों के इस तरह से मर जाने के बाद उनके परिजनों ने बेटियों के सुसारालवालों पर हत्या का केस दर्ज कराया है। उनका कहना है कि तीनों के पतियों और ससुरालवलों ने मिलकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव कुएं में फेंक दिए। इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि तीनों बेटियों की शादी भंवरलाल के बेटे नरसी, गौरव उर्फ जगदीश और मुकेश के साथ हुई थी। तीनों बहनों को दहेज और गाड़ी लाने के लिए आए दिन मारपीट और परेशान करते थे। 25 मई को सुबह छोटी बेटी कमलेश का फोन आया कि पापा मुझे सासु, जेठानी और नरसी, गौरव, मुकेश पांच सात अन्य लोग मारपीट कर रहे है। हमें यह लोग जान से मार देंगे। आप आकर बचा लो, जब वह दूदू गए तो ससुराल वाले गाली गलौच करने लग गए। बोलने लग गए कि तुम्हारी बेटिया तो मर चुकी है।