राजस्थान के सभी सरकारी हॉस्पिटलों में प्रदेश सरकार ने वहां के सुरक्षा उपकरणों की जांच पड़ताल के आदेश दिए है। सरकार के इस कदम के बाद यहीं कयास लगाए जा रहे है कि क्या प्रदेश में कोरोना फिर से आ गया है।

जयपुर (jaipur). क्या फिर से राजस्थान में कोरोना बढ़ रहा है? यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है राजस्थान में अभी। सरकार का कहना है ऐसी कोई बात नहीं है, लेकिन उसके बाद भी आज यानि मंगलवार को कोरोना को लेकर सरकार पूरे राजस्थान के अस्पतालों में जो कर रही है वह चौंकाने वाला है। दरअसल कोरोना की तीसरी लहर के दौरान राजस्थान में हजारों मौतें हुई थी। इस दौरान सरकार ने अचानक सारे अस्पतालों में कोरोना से संबधित संसाधनों की चैकिंग के लिए अभियान चलाया था, इसी तरह का अभियान आज चलाया गया है। इस पूरे अभियान के बारे में आज शाम तक रिपोर्ट भी मांगी गई है।

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आज ये सब हो रहा है राजस्थान के अस्पतालों में 
दरअसल राजस्थान सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में लगे सुरक्षा उपकरणों की जांच पड़ताल और उनकी वास्तविक स्थिति के बारे में रिपोर्ट तैयार करना शुरु कर दिया हैं। इन उपकरणों में ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर, आईसीयू और वैंटिलेटर की मशीनों को फुल कैपेसिटी की स्थिति, जीवन रक्षक दवाओं की स्थिति, अस्पतालों में खाली जगह आदि के बारे में जानकारी जुटाना शुरु कर दिया हैं।

जांच की रिपोर्ट शाम तक करना होंगी जमा
सभी जिलों के जिला चिकित्सा अधिकारी को ये निर्देश दिए गए हैं कि वे इसकी रिपोर्ट तैयार करके सरकार को दें, ताकि जो वस्तुएं उपलब्ध नहीं हैं उनको उपलब्ध कराने की प्रकिया शुरु की जा सके। फिर चाहे वे दवाईया हों, उपकरण हों या अन्य सामान हो। अस्पतालों के हालात के बारे में जानकारी जुटाई जा रही हैं। जिलों में पहले जो भी कोविड़ वार्ड बनाए गए हैं या फिर जो भी कोविड अस्पताल जिलों में सबसे बड़े रहे उनके बारे में भी जानकारी मांगी गई है ताकि समय आने पर पहले से ही हर हालात के लिए तैयार रहा जा सके। अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ, बैड, डॉक्टर्स के बारे में भी समीक्षा की जा रही है। 

राजस्थान में कोरोना के मरीजों की संख्या अब बढ़ने लगी हैं। इस बारे में सीएम का भी कहना है कि चाहे कोरोना का खतरा अभी नहीं हो, लेकिन सावधानी बरतना और मास्क लगाना खुद की सेहत के लिए अच्छा है। इस तरह से कई बीमारियों से बचा जा सकता हैं।

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