राजस्थान के जयपुर  में  बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बड़े बाजार छोड़ छोटी गलियों में घुसा रही है कांवड़ियों को भारतीय जनता पार्टी, यह अनुचित है। साथ ही राजस्थान में कहीं भी कावड़ यात्रा निकालने पर नहीं है रोक।

जयपुर. अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले राजस्थान के कैबिनेट मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास एक बार फिर से चर्चा में है । उन्होंने अपने बयानों से भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस पर हमला बोला है । उनके बयान है कि कावड़ यात्रा में दंगे प्लान करने की साजिश भारतीय जनता पार्टी कर रही है, लेकिन हम इसे होने नहीं देंगे। आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मीडिया से बातचीत करते हुए यह बयान दिए हैं। इन बयानों के बाद फिलहाल अभी तक भारतीय जनता पार्टी के किसी बड़े नेता का बयान सामने नहीं आया है । 

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अपने बयानों में यह सब कहा
कैबिनेट मिनिस्टर प्रताप सिंह ने कहा कि बीजेपी के नेताओं को शर्म क्यों नहीं आती ? उन्हें शर्म आनी चाहिए वह जबरन कावड़ यात्रियों को ऐसे रास्तों और सकरी गलियों में लेकर जाते हैं, जहां चलने की जगह भी सही नहीं है। जबकि उसकी जगह बड़े रास्ते लिए जा सकते हैं, ताकि किसी भी तरह से किसी को भी परेशानी ना हो। उन्होंने कहा कि आम रास्तों की वजह छोटी एवं तंग गलियों से कावड़ को निकालने की परमिशन मांगी जा रही है, जिससे कि दंगे भड़काने जा सके। लेकिन यह सब कुछ नहीं चलेगा। बीजेपी की मनमर्जी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कावड़ पर कहीं भी कोई रोक नहीं है। आम रास्तों पर आसानी से यात्रा निकाली जा सकती है। जो रास्ते बड़े और चौडे हैं, लेकिन अगर कोई व्यक्ति 2 फीट की गली में कावड़ निकालने की अनुमति मांगेगा तो उसे परमिशन कैसे दे सकते हैं। कानून की पालना सबको करनी चाहिए।

 टोंक मालपुरा में अनुमति को लेकर है पूरा मामला
राजस्थान के टोंक जिले में मालपुरा क्षेत्र में कावड़ यात्रा निकालने की प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। बताया जा रहा है कि इस कावड़ यात्रा को छोटी और तंग गलियों से निकालने की परमिशन मांगी गई थी। परमिशन नहीं मिलने पर कावड़ यात्रा को ही स्थगित कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि इसे लेकर बीजेपी ने गहलोत सरकार पर सवाल खड़े किए थे। प्रताप सिंह ने बीजेपी की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर भी आरोप लगाए उन्होंने कहा कि वसुंधरा सरकार ने अपने शासनकाल में कांवड़ यात्रा और डीजे पर बैन लगाया था। जब कि हमने डीजे पर बैन लगाया है क्योंकि डीजे के कारण कुछ देर चलने वाली कावड़ यात्रा कई घंटों में बदल जाती है। जिससे सभी वर्गों को परेशानी का सामना होता है।

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