राजस्थान सरकार ने मिलावट खोरों को पकड़ने के लिए जनता के सामने एक जबरदस्त स्कीम लेकर आई है। जहां इन मिलावट खोरों की जानकारी देने वाले को सरकार की तरफ से 51 हजार रुपए दिए जाएंगे। पर यह स्कीम दीवाली तक के लिए तो मान्य ही है। बाद में आगे भी बढ़ सकती है।

जयपुर. दिवाली से पहले राजस्थान सरकार राजस्थान के लोगों के लिए एक तगड़ी स्कीम लेकर आई है। बस एक फोन कॉल करना है आपको और आपके जेब में 51 हजार आ जाएंगे, दो किस्तों में। सरकार की यह स्कीम आज से ही शुरू की गई है और कम से कम यह स्कीम दिवाली तक जारी रहेगी । बताया जा रहा है कि दिवाली के बाद भी इसे जारी रखा जाएगा। दरअसल राजस्थान सरकार बहुत बड़े स्तर पर मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ा अभियान चला रही है। इसमें पुलिस डिपार्टमेंट और मेडिकल डिपार्टमेंट की टीम मिलकर काम करेगी। लेकिन तीनों डिपार्टमेंट को जनता का सहारा चाहिए। 

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समीक्षा बैठक में लिया यह बड़ा निर्णय
मिलावट खोरों को पकड़ने के लिए आज मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक की और समीक्षा बैठक में यह बताया कि जो व्यक्ति मिलावट करने वाले के बारे में जानकारी देगा वह सरकार का मुखबिर बना लिया जाएगा । उसे 51 हजार दिए जाएंगे। सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह है कि मिलावट खोर की सूचना देने वाले की जानकारी सरकार के पास गुप्त रहेगी। इस बारे में सरकार और सूचना देने के अलावा वाले के अलावा किसी अन्य को जानकारी नहीं मिलेगी।

 इस नंबर पर दे सकते हैं जानकारी 
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के शासन सचिव डॉ पृथ्वी ने बताया कि दिवाली से पहले सरकार बड़े स्तर पर यह योजना चला रही है। कोरोना के कारण 2 साल तक दिवाली समेत अन्य तोहार फीके रहे, लेकिन अब सारी पाबंदी हटा ली गई है। इसलिए बड़े स्तर पर बाजारों ने तैयारी कर ली है। ऐसे में नकली माल बनाने वाले और बेचने वाले भी मोटा पैसा बना रहे हैं। उनकी जानकारी देने के लिए 181 नंबर जारी किया है। इस नंबर पर लोग उनके बारे में जानकारी दे सकेंगे जो नकली माल बनाते हैं। इसके अलावा पुलिस, मेडिकल डिपार्टमेंट जिला कलेक्टर के नंबरों पर भी जानकारी दी जा सकेगी । जानकारी देने वाले को एक विशेष यूनिकोड दिया जाएगा जिससे उसके बारे में जानकारी सरकार के पास रहेगी ।

सैंपल लेने के बाद,जांच में दोषी मिलने के बाद मिलेगा ईनाम
जैसे ही किसी भी माध्यम से जानकारी पहुंचती है तो उस माध्यम से जानकारी मिलने के बाद खाद्य वस्तुओं के सैंपल लिए जाएंगे। सैंपल अनसेफ होने के बाद मुखबिर को तुरंत 25 हजार दे दिए जाएंगे। उसके बाद मिलावटखोरों के खिलाफ मुकदमें बाजी और अन्य कार्रवाई की जाएगी। 2 से ढाई महीने के अंदर जब कोर्ट में चालान पेश कर दिया जाएगा ऐसे में 26 हजार की दूसरी और अंतिम किस्त सूचना देने वाले को दे दी जाएगी ।

जिला कलेक्टर की तरफ से मिलता है ईनाम
51 हजार के अलावा जिला कलेक्टर की ओर से भी पांच 5 हजार की दो किस्त नियमानुसार देने की योजना है । उल्लेखनीय है कि पिछले 15 दिन के अंदर राजस्थान के अलग-अलग शहरों से करीब 3000 किलो मिर्च पाउडर, 1000 किलो मावा एवं पनीर और करीब 4000 किलो अन्य मसाले नकली और ए मानक बरामद करके उनको नष्ट किया गया है । सरकार का मानना है कि त्योहार के समय बड़ी मात्रा में दूध और मावे से बने उत्पाद नकली बाजार में उतारे जाते हैं । जो असली के बीच में ही बेच दिए जाते हैं। उनमें ऐसे फ्लेवर और टेस्ट डाले जाते हैं ताकि उनका ताकि मिलावट का टेस्ट ही ना आए।

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