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पिता मोदी कैबिनेट में मंत्री, बेटी ने किया हैरान कर देने वाला काम, साहस को लोग कर रहे सैल्यूट

सुहासिनी शेखावत इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड में हैं।  उनके पिता गजेन्द्र सिंह शेखावत केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हैं। वो बीजेपी राजस्थान के सीनियर लीडर हैं।  सुहासिनी शेखावत ने  रिविर राफ्टिंग अभियान को पूरा कर लिया है। 

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First Published Sep 2, 2022, 5:41 PM IST

जोधपुर. राजस्थान के जोधपुर की रहने वाली सुहासिनी शेखावत इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड में हैं। बेटी ने काम ही ऐसा किया है उसे अच्छे-अच्छे कलेजे वाले नहीं कर सकते। हर पल मौत से सामना करने वाली इस बेटी ने इतिहास रच दिया है। दरअसल, सुहासिनी शेखावत ने अपनी टीम को लीड करते हुए कई किलोमीटर लंबे रिविर राफ्टिंग अभियान को पूरा कर लिया है। उनके पिता गजेन्द्र सिंह शेखावत केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हैं। वो बीजेपी राजस्थान के सीनियर लीडर हैं।  

तीन नदियों से गुजरा काफिला
रिवर राफ्टिंग का शौक रखने वाली सुहासिनी शेखावत ने अपनी टीम के साथ इंडस कॉलिग अभियान में हिस्सा लिया। अब तक के सबसे लंबे रिविर राफ्टिंग अभियान में सुहासिनी के साथ उनकी टीम के कई मेंबर भी थे। मुश्किलों भरा यह सफर दुर्गम पहाड़ियों के बीच से होता हुआ गुजरा। यह अभियान तीन नदियों गंगा, ब्रह्मपुत्र और सिंधु नदी के उंचे नीचे रास्तों पर जारी रहा। पहाड़ियों से होकर गुजरने वाले ये रास्ते इतने दुर्गम रहे कि ऑक्सीजन लेवल तक कम होने लगा था।

भारत-चीन बॉर्डर पर हुआ था कम्पटिशन
सुहासिनी ने बताया कि यह अभियान भारत चीन बॉर्डर पर स्थित मानेसर से शुरु होकर भारत पाकिस्तान बॉर्डर पर स्थित कारगिल तक चला। पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेज्युएट कर रही सुहासिनी ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से एडवांस लीडरशिप में डिप्लोमा किया है। स्पोर्ट्स में रूचि रखती हैं। वे एक अच्छी शूटर भी हैं और साल 2019 में 31 दिन के गंगा आमंत्रण अभियान में भी शामिल रह चुकी हैं।

 

 

हजारों किलोमीटर रिवर राफ्टिंग कर चुकी है सुहासिनी
सुहासिनी ने चार से पांच साल के दौरान हजारों किलोमीटर की यात्रा पानी में की हैं।  उन्होंने साल 2021 में 900 किलोमीटर से भी ज्यादा लंबे ब्रह्मपुत्र कॉलिग अभियान में हिस्सा लिया। अरुणाचल प्रदेश से असम तक राफ्ट चलाई। देवप्रयाग उत्तराखंड से गंगासागर पश्चिम बंगाल तक करीब 2500 किलोमीटर के सफर को भी राफ्ट से तय किया है। उनके नाम कई रिकॉर्ड हैं। बेटी की उपलब्धि पर पिता गजेन्द्र सिंह का कहना है कि बेटी की उपलब्धि ने सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। बेटी को देखता हूं तो उससे सीख मिलती है। वह लाखों करोड़ों बेटियों की प्रेरणा है। उसका साहस हैरान करने वाला है।

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