राजस्थान में एक तरफ छात्रसंघ चुनाव आगे बढ़ाने की मांग की जा रही है, उसके बावजूद भी चुनावी बिगुल बज चुका है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और एनएसयूआई के कैंडिडेट प्रत्याशी मैदान में उतर चुके है। दोनों ही संगठनों के प्रत्याशी प्रचार करने में लग गए है।

जोधपुर. राजस्थान में लगातार छात्रसंघ चुनावों को आगे बढ़ाने की मांग के विरोध के बीच अब राजस्थान में चुनावी बिगुल बज चुका है। इसकी शुरुआत राजस्थान के जोधपुर से हुई है। एक ओर जहां छात्र संगठन लगातार चुनाव निर्धारित होने के बाद इसका विरोध करते जा रहे थे वहीं अब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने और एनएसयूआई ने जोधपुर के विद्यालय में प्रत्याशी मैदान में हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने यहां राजवीर सिंह बंता को अपना अध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित किया है। जबकि एनएसयूआई ने जोधपुर में हरेंद्र चौधरी को मैदान में उतारा है। प्रत्याशियों को मैदान में उतारने के साथ ही अब जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में चुनाव की तैयारियां भी जोरों पर है। दोनों ही संगठन यहां अपने प्रत्याशियों के प्रचार प्रसार में लगे हुए हैं।

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दोनो पार्टियों ने उतारे कैंडिडेट
जोधपुर विश्वविद्यालय के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के उम्मीदवार राजवीर सिंह को बिना कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि के चलते उम्मीदवार घोषित किया गया है। राजगीर के पिता सरकारी लेक्चरर हैं जबकि माता गृहिणी है। वही एनएसयूआई में जहां पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ के पोते दीपक और अरविंद सिंह भाटी का नाम सामने आ रहा था। वहां एनएसयूआई ने नया दाव खेलकर हरेंद्र चौधरी को उम्मीदवार बना दिया है। अब देखना होगा कि दोनों संगठन में प्रत्याशियों को घोषित करने के बाद अंदर खाने क्या लड़ाई सामने आती है।

गौरतलब है कि राजस्थान में पिछले करीब 15 दिनों से हर छात्र संगठन चुनाव को आगे बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध जता रहे थे। तीन-चार दिन पहले जहां राजस्थान यूनिवर्सिटी में एबीवीपी के कुछ कार्यकर्ता चुनाव की तारीख आगे बढ़ाने की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। वही महारानी कॉलेज में भी कुछ लड़कियां पानी की टंकी पर चढ़ी थी। जिन्हें प्रशासन के आला अधिकारियों ने नीचे उतरवा दिया।

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