भरतपुर, राजस्थान. लॉकडाउन में पुलिस की सख्ती के बीच लोगों को प्रताड़ित करने के लगातार मामले सामने आ रहे हैं। यह मामला भी पुलिस के टॉर्चर से जुड़ा है। भरतपुर में कलेक्टर ने शनिवार के दिन होटल खोलकर खाने की होम डिलीवरी करने की छूट दी है। लेकिन पुलिस और एडीएम ने इसे मानने से इनकार करते हुए एक होटल मालिक और उसके नौकर पर बगैर कोई FIR अपनी दबंगई दिखा दी। उन्हें हवालात में लाकर अर्धनग्न हालत में मानसिक प्रताड़ना दी। यह मामला अब जांच में आया है। पीड़ित चौबुर्जा स्थित राज होटल चलाते हैं। इस घटना के बाद व्यापारियों में आक्रोश व्याप्त है। हैरानी की बात यह है कि जिस एडीएम के निर्देश पर पुलिस ने यह कार्रवाई की, इस मामले की जांच वहीं अफसर करेगा।

अपने-अपने बचाव में पुलिस और एडीएम...

व्यापारियों ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद कलेक्टर की जांच के आदेश देकर इसकी जिम्मेदारी एडीएम सिटी राजेश गोयल को सौंपी है। हैरानी वाली बात यह है कि गोयल के निर्देश पर होटल मालिक और उसके दोनों नौकरों पर पुलिस ने यह सख्ती दिखाई। व्यापारियों ने संभाग आयुक्त प्रेमचंद बेरवाल और रेंज आईजी संजीव नार्जरी को ज्ञापन सौंपकर संबंधित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई थी। ढाबा मालिक राजू पंडा पार्षद भूपेंद्र के भाई हैं। उन्होंने बताया कि कलेक्टर ने होटल-रेस्टोरेंट को पैक्ड भोजन बेचने की छूट दे रखी है। इसलिए ढाबा खोला था। जब उन्होंने कार्रवाई के दौरान अखबार दिखाकर कलेक्टर के आदेश का हवाला दिया, तो एडीएम बोले कि अखबार में छपने से क्या होता है?

कलेक्टर नथमल डिडेल ने कहा कि यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। वे इसकी निष्पक्ष जांच कराएंगे। एडीएम ने कहा कि उन्होंने जांच के दौरान होटल मालिक और उसके नौकरों को मास्क पहनने और तंदूर सड़क से हटाने को कहा था। इसके बाद वो झगड़ा करने लगे। एसएचओ कैलाश मीणा भी एडीएम की बात से सहमति जताते हैं।