हैरान कर देने वाली यह घटना मंगलवार रात करीब ढाई बजे के आसपास बीकानेर के नोका उप कारागार में हुई। 2 घंटे बाद इस घटना का पता चला तो जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। कैदियों की रात को ही तलाश की गई, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चल पाया। (फोटो भास्कर)

बीकानेर. राजस्थान की जेलों से कैदियों को भागना लगता है सबसे आसान बात है। क्योंकि यहां आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जिससे यहां के जेल प्रशासन पर सवाल खड़े होने लगे हैं। 15 दिन पहले हुए फलोदी जेल ब्रेक कांड के बाद अब अब बीकानेर के नोका उप कारागार से 5 बंदी फरार हो गए हैं। जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है। हालांकि पुलिस ने सभी थानों को अलर्ट कर दिया है।

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दो घंटे बाद जेल प्रशासन को चल पाया पता
दरअसल, हैरान कर देने वाली यह घटना मंगलवार रात करीब ढाई बजे के आसपास हुई है। जब स्टाफ को 2 घंटे बाद इस घटना का पता चला तो हड़कंप मच गया। कैदियों की रात को ही तलाश की गई, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चल पाया। इस घटना के बाद राजस्थान के जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

अभी तक नहीं किसी का कोई सुराग
जेल प्रशासन ने जिन फरार कैदियों के नाम बताए हैं उनमें से 3 हनुमानगढ़ के हैं, जिनके नाम सुरेश कुमार, सलीम खान और मनदीप सिंह है। वहीं एक हरियाणा का अनिल पंडित तो एक नोखा के जसरासर थाने क्षेत्र के रहने वाला रतिराम है। प्रशासन ने स्थानीय पुलिस की मदद से ने इनके घर पर भी जाकर दबिश दी, लेकिन परिजनों का कहना है कि उनको इस मामले में कोई जानकारी नहीं है।

ऐसे जेल ब्रेक करने में मिली मदद
खबर के मुताबकि, यह पांचो आरोपियों ने पहले तो अपनी सेल की दीवार तोड़ी फिर एक खिड़की को तोड़कर बाहर आ गए। इसके बाद कंबल की रस्सी बनाकर दीवार पर चढ़े और कूदकर फरार हो गए। सवाल यह है कि जिन सेल में इन कैदियों को रखा गया था, वहां पर सिर्फ एक ही खिड़की थी और वह काफी मजबूत थी। जिसे तोड़ना इतना आसान नहीं था। हालांकि, जेल में CCTV कैमरे नहीं होने के कारण इनको भागने में भी आसानी हुई। जिससे अब पता भी नहीं चल पाएगा कि इन लोगों की किसी ने मदद की है या नहीं।