बता दें कि जवान का कुछ दिन पहले ही कोटा में पोस्टिंग हुई थी। इससे पहले वह देहरादून में पोस्टेड था। मृतक के छोटे भाई प्रेम कुमार ने बताया कि भैया छुट्टी पर घर आने वाले थे। लेकिन आखिरी बार उन्होंने पिता को फोन करके कहा था कि   पापा अचानक मेरी छुट्टी केंसिल हो गई है

कोटा (राजस्थान). अक्सर सुना है कि सेना का जवान मरता नहीं दुश्मनों को मारता है। वह हंसते-हंसते देश के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर देता है। लेकिन राजस्थान से एक दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक आर्मी जवान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सैनिक ने कुछ दिन पहले ही पिता के लिए एक चिच्ची लिखी थी जो अब आखिरी खत बन गया है। लिखा था पापा छुट्टी कैंसिल हो गई है, मैं अभी आ नहीं सकता हूं।

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एक दिन बाद घरवालों को लगी खबर
दरअसल, यह दुखद घटना शनिवार को कोटा शहर में हुई, जहां पूरन चंद नाम के जवान ने यह खौफनाक कदम उठाया है।
मामले की जानकारी बिहार में रहने वाले मृतक के परिवार को रविवार को लगी है, परिजन सैनिक के शव को लेने के लिए पहुंचे हैं। पुलिस और आर्मी के जवानों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम हुआ।

पिता से आखिरी बार की थी यह बात
बता दें कि जवान का कुछ दिन पहले ही कोटा में पोस्टिंग हुई थी। इससे पहले वह देहरादून में पोस्टेड था। मृतक के छोटे भाई प्रेम कुमार ने बताया कि भैया छुट्टी पर घर आने वाले थे। लेकिन आखिरी बार उन्होंने पिता को फोन करके कहा था कि पापा अचानक मेरी छुट्टी केंसिल हो गई है, अब बाद में आऊंगा। काफी दिनों से हम उनको फोन लगा रहे थे, लेकिन वह कॉल रिसीव ही नहीं कर रहे थे। शाम को उनके सुसाइड करने की खबर मिली।

सुसाइड के पीछ की वजह नहीं चली पता
 मृतक जवान पूरनचंद कोटा में यूनिट 18 आईडीएसआर में नायक सूबेदार पद पर तैनात थे। वह सरकारी क्वाटर में अकेले ही रह रहे थे। दोपहर में जब वह खाना खाने के लिए अपने क्वाटर में आए तो वापस ड्यूटी पर नही नहीं गए। साथी जवानों ने जब उनके देखा तो वह पंखे से लटके थे। आनन-फानन में अन्य जवानों ने उनको मिलिट्री अस्पताल में एडमिट कराया, जहां डॉक्टर ने पूरन चंद को मृत घोषित कर दिया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नही चल सका है।