राजस्थान की सबसे बड़ी परीक्षा रीट लेवल 2 के रिजल्ट हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। 82.50 नंबर हासिल करने वाले कैंडिडेट्स को REET सर्टिफिकेट देने के मामले को लेकर कालू अहीर ने यह याचिका लगाई है। 

जयपुर. राजस्थान में 6 लाख से ज्यादा युवाओं का भविष्य एक बार फिर दांव पर आ चुका है। राजस्थान की सबसे बड़ी परीक्षा रीट लेवल 2 के रिजल्ट हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। रिजल्ट के खिलाफ कालू अहीर नाम के युवक ने याचिका लगाई है। जिसमें उसने कहा है कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने गलत आंसर की जारी की है। सवालों के सही जवाब कोई गलत बता दिया गया है। और मार्क्स नॉर्मलाइजेशन की प्रोसेस भी गलत अपनाई गई है। जिसके कारण उसके कम अंक बने हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

29 सितंबर को रीट लेवल 2 का रिजल्ट जारी हुआ था
हाई कोर्ट में याचिका दायर करने वाले अहीर के मुताबिक 29 सितंबर को रीट लेवल 2 का रिजल्ट जारी हुआ। हालांकि नॉर्मलाइजेशन होने के बाद 82 नंबर से कम मार्क्स वाले अभ्यर्थियों को योग्य नहीं माना गया। कालू के कुछ प्रश्नों के आंसर सही थे उनके नाम लेकिन उसके बाद भी उन्हें गलत कर दिया गया है। कालू का कहना है कि वह ओबीसी वर्ग का है। जिसके 81.72 नंबर आए हैं। उसे पास होने के लिए केवल .72 अंक की जरूरत थी। लेकिन उसके सही उत्तर को भी गलत कर दिया गया।

 रीट लेवल 2 एग्जाम में करीब 11 लाख से ज्यादा कैंडिडेट शामिल हुए थे
कालू का कहना है कि परीक्षा में 24 नंबर के प्रश्न के उत्तर को गलत किया गया है। ऐसे में इसकी कमेटी द्वारा जांच होकर नए सिरे से एक बार फिर रिजल्ट जारी करना चाहिए। गौरतलब है कि रीट 2022 का रिजल्ट हाल ही में 29 सितंबर को शाम 5:00 बजे माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान द्वारा जारी किया गया था। रीट लेवल 2 एग्जाम में करीब 11 लाख से ज्यादा कैंडिडेट शामिल हुए थे। इनमें से बोर्ड ने करीब 603228 को पास किया था। अब मुख्य परीक्षा जनवरी में होनी है।

हमेशा से विवादों में रही है रीट परीक्षा
राजस्थान में यह पहला मौका नहीं है जब रीट परीक्षा विवादों में रही हो। इससे पहले भी रीट परीक्षा में ही पेपर आउट और नकल जैसे कई मामले सामने आए थे। जिसके चलते एग्जाम दोबारा हुआ था। मामले में अभी तक जांच एजेंसी मुख्य सरगना तक नहीं पहुंच पाई है।