राज्यसभा चुनावों से पहले कांग्रेसी से नाराज विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहोलत को टेंशन बढ़ा दी है। जिसके चलते एक बार फिर राजस्थान कि सियासत चर्चा में आ गई है। राज्यसभा चुनाव में खरीद-फरोख्त और सेंधमारी के चलते कांग्रेस ने आज अपने विधायकों और सहयोगी विधायकों की बाड़ेबंदी कर रही है।

जयपुर. राज्यसभा चुनावों से पहले कांग्रेसी से नाराज विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहोलत को टेंशन बढ़ा दी है। जिसके चलते एक बार फिर राजस्थान कि सियासत चर्चा में आ गई है। राज्यसभा चुनाव में खरीद-फरोख्त और सेंधमारी के चलते कांग्रेस ने आज अपने विधायकों और सहयोगी विधायकों की बाड़ेबंदी कर रही है। करीब 40 विधायकों को एक साथ रखने के लिए राज्य सरकार ने उन्हें उदयपुर के एक होटल में भेज दिया है।

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कांग्रेस और बीजेपी के बीच शह-मात का खेल शुरू
दरअसल, राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के बीच शह-मात का खेल शुरू हो गया है। राजस्थान में केंद्र में सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने राज्य के निर्दलीय विधायकों और कुछ सरकार से नाराज चल विधायकों के समर्थन में खड़े होकर कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे हालात में सीएम अशोक गहलोत को यह डर सताने लगा है कि कहीं बीजेपी उसके विधायकों में तोड़फोड़ ना कर दे। जिसके कारण अब अपने विधायकों को एक बार फिर फाइव स्टार होटल भेजा गया है।

रात 10 बजे तक उदयपुर के अरावली रिसोर्ट पहुंचेंगे विधायक
बता दें कि सीएम गहोत की तरफ से कांग्रेस और सहयोगी विधायकों को आज दोपहर 3 बजे तक मुख्यमंत्री आवास पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। जहां पार्टी के सभी एमएलए जुटें और उसके बाद विधायकों को बसों के जरिए उदयपुर के लिए रवाना किया गया। बताया जाता है कि रात 10 बजे तक तमाम विधायक उदयपुर के अरावली रिसोर्ट पहुंच जाएंगे


सीएम अशोक गहलोत ने इस मंत्री को दिया बाड़ेबंदी का जिम्मा 
 मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उदयपुर में कांग्रेस और सहयोगी विधायकों की बाड़ेबंदी का जिम्मा कैबिनेट मंत्री रामलाल जाट और कांग्रेस विधायक रफीक खान को दिया है। दोनों नेता कल सुबह ही उदयपुर पहुंच गए थे और ताज अरावली रिसोर्ट में तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं।गहलोत सरकार को समर्थन दे रहे तीन निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर, खुशवीर सिंह जोजावर और सुरेश टांक कल रात ही उदयपुर के ताज अरावली रिसोर्ट पहुंच गए थे।

गहलोत सरकार के तीसरे कार्यकाल में छठीं बार विधायकों की बाड़ेबंदी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तीन बार अपने विधायकों की बाड़ेबंदी कराने के साथ-साथ गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और असम के विधायकों की भी बाड़ेबंदी करा चुके हैं। हालांकि पूर्व में बाड़ेंबदी के लिए जयपुर को सबसे महफूज डेस्टिनेशन माना जाता रहा है, लेकिन कांग्रेस पार्टी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस बार राज्यसभा चुनाव के चलते विधायकों की बाड़ेबंदी के लिए जयपुर को नहीं चुनकर उदयपुर को चुना गया है, जहां उदयपुर के लिए अरावली रिसोर्ट में विधायकों की बाड़ाबंदी होगी। उदयपुर के लिए अरावली रिसोर्ट में कांग्रेस का राष्ट्रीय चिंतन शिविर का आयोजन बीते माह हो चुका है।