राहुल गांधी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को एक ही पद की जिम्मेदारी दी जाएगी, या तो वे राष्ट्रीय अध्यक्ष रहेंगे या किसी अन्य पद पर। इसके बाद सचिन पायलट ने अब मुख्यमंत्री बनने के लिए लॉबिंग शुरू कर दी है। उन्होंने विधायकों को हाथ जोड़कर अभिवादन किया और साथ ही मीडिया से भी गर्मजोशी से मिले। 

जयपुर. हर आने वाले दिन के साथ राजस्थान कि राजनीति में कुछ ना कुछ नया होता जा रहा है। गुरुवार को केरल के कोच्चि शहर में राहुल गांधी के बयान के बाद से तो जैसे विरोधी पक्ष की बांछे ही खिल गई । आज शुक्रवार को दोपहर में पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट विधानसभा पहुंचे तो चेहरे पर एक अलग ही तेज था। उन्होंने स्वागत करने वाले विधायकों को हाथ जोड़कर अभिवादन किया और साथ ही मीडिया से भी गर्मजोशी से मिले । कुछ देर के बाद वे विधानसभा में चले गए । 

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राहुल गांधी के बयान के बाद पायलट को जगी उम्मीद
उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी कह चुके हैं हर नेता को एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत फॉलो करना होगा । इस बयान से बहुत हद तक यह साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अब ज्यादा दिन राजस्थान के मुख्यमंत्री नहीं रहने वाले हैं । उनके बाद उनके प्रबल प्रतिद्वंदी और दौड़ में सबसे आगे माने जाने वाले सचिन पायलट मुख्यमंत्री बन सकते हैं। 

पायलट ने विधायकों से मिलना किया शुरू
पायलट ने गुरुवार रात से ही इसे लेकर लॉबिंग करना भी शुरू कर दिया है । बताया जा रहा है कि गुरुवार रात को उन्होंने कई नेताओं को फोन किया और उसके बाद आज फिर विधानसभा पहुंचे। विधानसभा चलते हुए आज चौथा दिन है लेकिन इससे पहले 3 दिन में एक बार भी विधानसभा में नहीं दिखे । इन 3 दिनों के दौरान वे कोच्चि शहर में राहुल गांधी के साथ दिखाई दिए।

सोनिया गांधी से मुलकात के बाद आज जयपुर में अशोक गहलोत
 उधर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी आज शाम को वापस जयपुर पहुंच रहे हैं। वह गुरुवार सवेरे 10:00 बजे दिल्ली के लिए उड़े थे । उसके बाद उन्होंने 2 घंटे सोनिया गांधी से मुलाकात की और शाम को राहुल गांधी से चर्चा की । आज राहुल गांधी के साथ यात्रा में रहे और उसके बाद आज शाम को भी महाराष्ट्र के शिरडी में दर्शन करके वापस जयपुर लौट रहे हैं । संभव है कि कल विधानसभा में भी शामिल हो और विधानसभा में ही सचिन पायलट से उनका सामना हो। गुरुवार को राहुल गांधी के बयान के बाद शुक्रवार को सचिन पायलट का इस तरह से एक्टिव होना और विधानसभा में दिखना भविष्य को लेकर सवाल खड़े करता दिख रहा है।