राजस्थान के सिरोही जिले में एक बवाल की खबर सामने आई है। यहां एक मंदिर को तोड़ने के दौरान पुलिस व आम जनता में झड़प हो गई। जिसके बाद लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। जवाबी कार्यवाही करते हुए पुलिस ने भी लाठी जार्च किया। 20 से ज्यादा लोग हुए घायल।

सिरोही (sirohi). राजस्थान के सिरोही शहर से बड़ी खबर सामने आई है। राजस्थान में एक बार फिर से मंदिर को तोड़ने के ऊपर विवाद हुआ है। इस बार हनुमान मंदिर को तोड़ने पर विवाद हुआ है। विवाद के दौरान पुलिस अफसरों पर जनता ने पथराव किया तो पुलिस कर्मियों ने जनता पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस अधिकारियों समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए। साथ में कुछ लोग भी चोटिल हुए हैं। पुलिस ने करीब 20 लोगों को मामले में अरेस्ट किया है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

तालाब किनारे अवैध मंदिर तोड़ने आई थी पुलिस
सिरोही जिले के सातपुर तालाब के नजदीक स्थित हनुमान मंदिर के पास का पूरा मामला है। दरअसल यहां अवैध मंदिर को हटाने के लिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस टीमें गई थी और उसके बाद आज यानि बुधवार के दिन करीब 9:00 बजे तक वहां से हटा दिया गया था। हनुमान मंदिर तोड़ने के बाद तगड़ा तनाव हुआ। जनता और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति हुई और माहौल खराब हो गया।

लोग लगाने लगे नारे, पुलिस ने समझाए पर नहीं माने
इसके दौरान लोग सातपुर आबूरोड पर बैठ गए और जय श्रीराम और वंदेमातरम के नारे लगाने लगे। पुलिस अफसरों ने उनको समझाया और वहां से हटने के लिए कहा। पुलिस कर्मियों ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही मंदिर को तोड़ा गया है और इससे पहले ही मूर्ति को अन्यत्र सुरक्षित रख दिया गया है। लेकिन पुलिस अफसरों की बात जनता ने नहीं सुनी और लगातार नारेबाजी करते रहे। पुलिसकर्मियों ने जबरन हटाने की कोशिश की तो बवाल हो गया। पहले जनता ने पुलिस अफसरों पर पत्थर मारे और जब पुलिस अफसर चोटिल हो गए तो उनके मातहत कर्मचारियों के जनता पर पर लाठीचार्ज कर दिया।

6 थानों का पुलिसबल पहुंचा, विरोध कर रहे लोगों को खदेड़ा
 6 थानों को जाब्ते के साथ ही आरएसी का जाब्ता बुलाया गया। एएसपी, डीएसपी समेत कई अफसर मौजूद रहे थे। सिरोही जिला कलेक्टर भंवर लाल चौधरी ने बताया कि सातपुर तालाब करीब 14 बीघा क्षेत्र में फैला हुआ है। लेकिन तालाब की पाल के आसपास कई जगह पर अतिक्रमण है। इन अतिक्रमण को भी सिलसिलेवार हटाया गया था। लेकिन हनुमान मंदिर को हटाने के दौरान जनता उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया।

उधर एसडीएम सिरोही का कहना है तालाब को लेकर कुछ साल पहले जोधपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी ,उसके बाद कोर्ट ने निर्णय दिया था कि हनुमान मंदिर के कारण तालाब का स्वरूप और सेहत दोनों खराब हो रही है। इसलिए मंदिर को हटा दिया जाए 17 नवंबर को मंदिर को हटाने के आदेश आ गए थे और यह आदेश प्रशासन को सौंप दिए गए थे । आज सवेरे मंदिर पर ही कार्रवाई शुरू कर दी गई थी । उस समय बवाल हुआ। फिलहाल पुलिस ने 20 लोगों को अस्पताल में भर्ती है।