Asianet News HindiAsianet News Hindi

क्या बच्चों को अपने डेटिंग हिस्ट्री के बारे में बताना चाहिए, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

क्या आपको अपने बच्चों को अपने डेटिंग इतिहास के बारे में बताना चाहिए। ये सवाल पैरेंट्स के मन में चलता रहा है। वो एक तरफ उन्हें अपने पास्ट लव लाइफ के बारे में बताकर उन्हें जागरूक करना भी चाहते हैं तो दूसरी तरफ उन्हें डर भी होता है कि इससे बच्चे पर गलत प्रभाव ना पड़ जाएं। 

Should you tell your kids about your dating history NTP
Author
First Published Sep 23, 2022, 7:12 PM IST

रिलेशनशिप डेस्क. हर इंसान की जिंदगी में कुछ राज होते हैं। खासकर लव लाइफ को लेकर। ज्यादातर लोगों का पहला प्यार असफल होता है। लेकिन जब बच्चों को इसके बारे में बताने की बात सामने आती है तो यह अजीब हो सकता है। यूके में केवल 27 प्रतिशत विवाहित लोगों ने ही अपने पहले प्यार से शादी की है। भारत में तो ये आंकड़े और भी बुरे हो सकते हैं।

पुराने लव लाइफ के बारे में बात करना पैरेंट्स को इतना अजीब लगता है कि वो इससे बचना चुनते हैं।इसके पीछे वजह यह होती है कि उन्होंने जिससे दिल लगाया वो गलत आदमी निकला, या फिर वन नाइट स्टैंड के बाद बात आगे नहीं बढ़ी। सवाल यह कि क्या बच्चों को वास्तव में उस समय के बारे में जानने की जरूरत है। 

बच्चों से अपने पास्ट लव लाइफ के बारे में बात करना चाहिए

रिलेशनशिप एक्सपर्ट के अनुसार वो इसे ठीक मानते हैं। उनका कहना है कि माता-पिता को अपने बच्चों के साथ इस बात को शेयर करना चाहिए। हालांकि उन्होंने इसके लिए एक उम्र की सीमा भी बताई है। डॉक्टर एम्मा केनी का कहना है कि ऐसी बातचीत करते वक्त अपने बच्चे की उम्र पर विचार करना अहम होता है।

बच्चों के उम्र का ख्याल रखना चाहिए

वो कहती हैं कि छोटे बच्चे, जो टीएनएज अवस्था में नहीं पहुंचे हैं वो पूरी तरह आपके पूर्व रिश्ते को नहीं समझ सकते हैं। इतना ही नहीं आपके अतीत के बारे में सोचकर वो भ्रमित और परेशान हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आपको उनके साथ संबंधों, सहमति और यौन व्यवहार के बारे में बातचीत नहीं करनी चाहिए। बातचीत में उन्हें अपने रिश्ते को बतौर उदाहरण देना एक अच्छा विचार होता है।

बच्चे को ये सबूत दे सकते हैं कि कोई खास रिश्ता खराब क्यों हो सकता है और आप जिस रिश्ते में अभी हैं वो अच्छा क्यों हैं। बच्चों को समझाने का यह एक अच्छा तकनीक होता है।

बच्चों में 'सोल मेट' वाली कहानी को दूर करना जरूरी

रिलेशनशिप एक्सपर्ट सैली बेकर ने अंग्रेजी वेबसाइट से बातचीत में बताया कि वह इस बात से सहमत हैं कि उम्र अनुसार बातचीत करने की जरूरत पड़ती है। बहुत छोटे बच्चों को लिए यह परेशान करने वाला विषय हो सकता है कि मां हमेशा पापा के साथ नहीं थी। या पापा हमेशा मां के साथ नहीं थे।

वो बताती हैं कि बच्चों को अपने पूर्व लव लाइफ के बारे में बताकर उन्हें 'सोल मेट'मिथक से दूर कर सकते हैं। बच्चे जब किसी के साथ प्यार में होते हैं तो उसे अपना सोल मेट मान लेते हैं और उसके साथ ही जीवन गुजारने का सपना देखते हैं। जब ब्रेकअप होता है तो वो डिप्रेशन में चले जाते हैं। अगर आप पहले ही उन्हें इस भ्रम से निकाल दें कि आपके लिए सिर्फ एक शख्स नहीं बना है। तो वो अपनी जिंदगी को अच्छी तरह से जी सकते हैं।

बच्चे दिल टूटने पर खुद को अलग नहीं समझेंगे

उन्हें दिल टूटने जैसी चीजों के बारे में पता होना चाहिए, क्योंकि अगर उनके साथ ऐसा होता है  और वे जानते हैं कि आप भी इससे गुजर चुके हैं  तो वे इतना अलग-थलग महसूस नहीं करेंगे। इसके साथ रिलेशनशिप एक्सपर्ट कहती है कि सेक्स के बारे में भी बातचीत करना जरूरी होता है। 'वन नाइट स्टैंड जीवन की एक वास्तविकता है। यह विश्वास कि उनके बारे में चर्चा न करने से आपके बच्चे की मासूमियत किसी न किसी रूप में सुरक्षित रहती है, गलत है। बच्चों से आप इसका जिक्र करके उन्हें जागरुक कर सकती हैं। 

बच्चे के सामने खुद की छवि अच्छी रखें

हालांकि माता-पिता को सावधानी से इस पर चलना चाहिए। जब बड़े बच्चों की बात आती है, तो एक सीमा तक खुला रहना अच्छा होता है। हमारे बच्चे हमें रोल मॉडल और मेंटर के रूप में देखते हैं। इसलिए उन्हें ये बताना भी जरूरी होता है कि वो एक अच्छे माता-पिता है और एक दूसरे को चुनकर अच्छा निर्णय लिया। वो अच्छे निर्णय और चुनाव करना जानते हैं। इसके साथ ही अपने बच्चों को बताएं कि वे अपने जीवन में कुछ भी करें, आप उन्हें जज नहीं करेंगे। उन्हें खुलने और उड़ने का मौका देना जरूरी होता है। 

और पढ़ें:

मोटे एक्टर पर दिल हारी ये हसीन लड़की, अनोखी लव स्टोरी को बेच कमाते हैं हर महीने लाखों रुपए

9 बार बच्चा खोने के बाद महिला को पैदा हुआ 'चमत्कारी बेटा', अब करती है वो इनके लिए काम

क्या है इबोला वायरस, इस देश में हुई एक मौत के बाद दुनिया में मच गया कोहराम

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios