Aniruddhacharya Viral Video: अनिरुद्धाचार्य महाराज वृंदावन के प्रसिद्ध संत हैं। वे लोगों को सवालों के जवाब बहुत ही रोचक तरीके से देते हैं। उनके वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हैं।

Aniruddhacharya Maharaj Speech: वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 26 जून 2026 को साझा किए गए इस वीडियो में एक युवक प्रेम, विवाह और रिश्तों से जुड़े सवाल पूछता है। इसी दौरान वह जानना चाहता है कि अगर कोई लड़की प्यार में धोखा दे दे तो क्या करना चाहिए? इस पर अनिरुद्धाचार्य महाराज ने अपने अंदाज में जवाब दिया और प्रेम का वास्तविक अर्थ भी समझाया।



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मां के प्रेम को बताया सबसे श्रेष्ठ

वीडियो में युवक ने बताया कि उसकी मुलाकात एक लड़की से ऑनलाइन हुई थी और वह उससे शादी करना चाहता है। इस पर अनिरुद्धाचार्य महाराज उससे पूछते हैं कि उस लड़की से पहले वह सबसे ज्यादा किससे प्रेम करता था। युवक जवाब देता है कि अपनी मां से।

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इसके बाद महाराज कहते हैं कि यदि एक तराजू के एक पलड़े में मां का प्रेम और दूसरे पलड़े में उस लड़की का प्रेम रखा जाए, तो कौन सा पलड़ा भारी होगा? युवक बिना देर किए जवाब देता है कि मां का।
इस पर अनिरुद्धाचार्य महाराज कहते हैं कि प्रेम करना गलत नहीं है, लेकिन ऐसा प्रेम नहीं होना चाहिए जिससे माता-पिता का दिल दुखे। उनके अनुसार, जीवन में माता-पिता का सम्मान और सेवा सबसे पहले होनी चाहिए।

शादी से पहले रखनी चाहिए यह शर्त

अनिरुद्धाचार्य महाराज वीडियो में आगे कहते हैं कि यदि कोई युवक विवाह करना चाहता है, तो उसे पहले ही अपनी होने वाली जीवनसाथी से स्पष्ट रूप से कह देना चाहिए कि माता-पिता की सेवा उसके जीवन की प्राथमिकता है। उनका कहना है कि परिवार में सुख और शांति बनाए रखने के लिए यह समझ पहले से होना जरूरी है।

प्यार में धोखा मिलने पर क्या करें?

युवक जब पूछता है कि अगर लड़की प्यार में धोखा दे दे तो क्या करना चाहिए, तो अनिरुद्धाचार्य महाराज जवाब देते हैं कि शुरुआत में दुख होना स्वाभाविक है, लेकिन समय के साथ व्यक्ति सामान्य हो जाता है। उनका कहना है कि जब मन संभल जाए, तब अपने काम पर ध्यान देना चाहिए, मेहनत करनी चाहिए, आगे बढ़ना चाहिए और मां के प्रेम को सबसे ऊपर रखना चाहिए।

राधा-कृष्ण के प्रेम पर भी कही यह बात

वीडियो में अनिरुद्धाचार्य महाराज यह भी कहते हैं कि आज के समय में कई युवा अपनी सांसारिक इच्छाओं को राधा-कृष्ण के प्रेम से जोड़कर देखते हैं। उनके अनुसार, राधा-कृष्ण का प्रेम दिव्य और आध्यात्मिक है, जबकि सामान्य मानव का प्रेम अक्सर सांसारिक इच्छाओं और अपेक्षाओं से जुड़ा होता है। इसलिए दोनों की तुलना करना उचित नहीं माना जा सकता।