Mahakal Darshan Today: उज्जैन में स्थित भगवान महाकाल की भस्म आरती देखने के लिए रोज हजारों लोग आते हैं। एकमात्र महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में ही भगवान महाकाल को भस्म लगाई जाती है।
Mahakal Bhasma Aarti 22 June 2026: विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार (22 जून 2026) तड़के ब्रह्म मुहूर्त में भगवान महाकाल की दिव्य भस्म आरती हुई। सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना शुरू हुई। पुजारियों ने सबसे पहले गर्भगृह में विराजमान सभी देवी-देवताओं का पूजन किया, इसके बाद भगवान महाकाल का पवित्र जल से अभिषेक किया गया।

अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का दूध, दही, घी, शक्कर और विभिन्न फलों के रस से निर्मित पंचामृत से विशेष पूजन किया गया। मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच भगवान का अलौकिक श्रृंगार किया गया। जटाधारी बाबा महाकाल को चांदी के आभूषण अर्पित कर राजाधिराज स्वरूप में सजाया गया, जिससे उनका दिव्य रूप अत्यंत आकर्षक दिखाई दिया।
भस्म आरती की शुरुआत से पहले प्रथम घंटाल की ध्वनि के साथ पुजारियों ने भगवान का ध्यान कर पवित्र जल अर्पित किया। इसके बाद कपूर आरती की गई और भगवान के मस्तक पर भांग, चंदन तथा त्रिपुंड अर्पित कर विशेष श्रृंगार किया गया। श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर परंपरानुसार भस्म रमाई गई।
महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को पवित्र भस्म अर्पित की गई। भस्म अर्पण के बाद भगवान को चांदी के शेषनाग मुकुट, मुंडमाल, रुद्राक्ष की मालाएं तथा सुगंधित फूलों से सजाया गया। मोगरा, गुलाब और अन्य सुगंधित फूलों से किए गए मनोहारी श्रृंगार ने भगवान महाकाल के स्वरूप को और भी दिव्य बना दिया।
इसके बाद भगवान को विभिन्न फल, मिष्ठान और नैवेद्य का भोग अर्पित किया गया। भस्म आरती में देश-विदेश से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।
