Shardiya Navratri 2026: इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरूआत 11 अक्टूबर, रविवार से हो रही है। इस दिन देवी शैलपुत्री की पूजा करनी चाहिए, उनकी पूजा विधि और मंत्र कौन-से हैं? आगे जानिए पूरी डिटेल।
Devi Shailaputri Puja Vidhi Mantra Aarti Lyrics: इस बार 11 अक्टूबर, रविवार से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के साथ मां दुर्गा के पहले स्वरूप देवी शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मां शैलपुत्री की पूजा से घर-परिवार में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। हिमालय की पुत्री होने से देवी का नाम शैलपुत्री पड़ा। आगे जानिए नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा कैसे करें और कौन-सा मंत्र बोलें…
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11 अक्टूबर 2026 पूजा शुभ मुहूर्त
वृश्चिक स्थिर लग्न: सुबह 9:12 से 11:30 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:50 से दोपहर 12:37 बजे तक
कुंभ स्थिर लग्न: दोपहर 3:17 से शाम 4:45 बजे तक
दोपहर 1:41 से 3:09 बजे तक
शाम 6:04 से 7:36 बजे तक
शाम 7:36 से रात 9:09 बजे तक
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मां शैलपुत्री की पूजा विधि
- मां शैलपुत्री की पूजा घर पर भी आसानी से की जा सकती है। इसके लिए इन बातों का ध्यान रखें। सबसे पहले घर के साफ स्थान पर मां शैलपुत्री की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।
- देवी को तिलक लगाएं और फूल अर्पित करें। इसके बाद उनके सामने दीपक जलाएं पूजा में रोली, अबीर, गुलाल, अक्षत यानी चावल, फल, नारियल, सुपारी और मेहंदी जैसी सामग्री अर्पित करें।
- मां शैलपुत्री को गाय के घी का भोग लगाएं। इसके बाद मां के मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
वन्दे वांछितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
- अंत में मां शैलपुत्री की आरती करें और सुख-समृद्धि की कामना करें। इस तरह मां शैलपुत्री की पूजा करने से आपकी हर मनोकामना पूरी हो सकती है।
देवी शैलपुत्री की आरती ( Devi Shilputri Aarti)
शैलपुत्री मां बैल पर सवार। करें देवता जय जयकार।
शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी।
पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू।
सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती तेरी जिसने उतारी।
उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुख तकलीफ मिला दो।
घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।
जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे।
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
