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Palmistry: जीवन रेखा पर क्रॉस का निशान हो तो क्या होता है, क्या ये मौत का संकेत है?

Palmistry: हमारी हथेली पर कई रेखाएं हैं, लेकिन इन सभी में जीवन रेखा यानी लाइफ लाइन का सबसे अधिक महत्व है क्योंकि इसी रेखा का आधार पर जीवन में उतार-चढ़ाव और मृत्यु व बीमारियों के संकेत मिलते हैं। 

4 Min read
Author : Manish Meharele
Published : Mar 09 2023, 01:01 PM IST
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जानें क्या क्या संकेत देती है जीवन रेखा...
Image Credit : Asianet News

जानें क्या-क्या संकेत देती है जीवन रेखा...

हस्तरेखा शास्त्र (Palmistry) में हथेली की हर रेखा का सूक्ष्मता से अध्ययन किया जाता है। जीवन रेखा हमारी हथेली की सबसे बड़ी रेखा होता है। ये रेखा इसलिए भी खास है क्योंकि इसी रेखा से जीवन के उतार-चढ़ाव, बीमारी और मृत्यु आदि के बारे में पता लगाया जा सकता है। ये रेखा तर्जनी उंगली के कुछ नीचे से शुरू होकर शुक्र पर्वत को घेरते हुए मणिबंध पर जाकर खत्म होती है। एशियानेट हिंदी ने अपने पाठकों के लिए हस्तरेखा (know future from palm line) की एक सीरीज शुरू की है, हस्तरेखा से जानें भविष्य। इस सीरीज के अंतर्गत पहले हम आपको हथेली कई कई रेखाओं के बारे में बता चुके हैं। आज हम आपको जीवन रेखा के बारे में बताएंगे, जिसे Life Line कहा जाता है…
 

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टुकड़ों में बटी जीवन रेखा
Image Credit : Asianet News

टुकड़ों में बटी जीवन रेखा

यदि हाथ की जीवन रेखा छोटे-छोटे बारीक टुकड़ों में विभाजित हो तो व्यक्ति का स्वभाव काफी चिड़चिड़ा होता है और उसकी सेहत भी ठीक नहीं रहती। यदि ऐसी जीवन रेखा शुरू होकर अंत तक आते-आते पतली हो जाए तो ऐसा व्यक्ति अपने जीवन काल में कई गंभीर बीमारियों से परेशान रहता है। कई बार ऐसा व्यक्ति इतना कमजोर हो जाता है कि दैनिक कार्य भी नहीं कर पाता।

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चौड़ी और खंडित जीवनरेखा 
Image Credit : Asianet News

चौड़ी और खंडित जीवनरेखा 

लगातार चौड़ी होती हुई और टूट-टूट कर आगे बढ़ती जीवनरेखा व्यक्ति को आलसी बनाती है। ऐसा नहीं कि ऐसे व्यक्ति जन्म से ही आलसी होता है, लेकिन उसके शरीर की सरंचना ही ऐसी हो जाती है कि वे ज्यादा काम नहीं कर पाते हैं और आलसी हो जाते हैं। ऐसे लोग यदि कोई मेहनत का काम करें तो इनकी सेहत भी बिगड़ सकती है। ऐसे लोग निराशावादी भी होते हैं।
 

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दो शाखाओं में बटी जीवनरेखा
Image Credit : Asianet News

दो शाखाओं में बटी जीवनरेखा

कई बार व्यक्ति के हाथ की जीवन रेखा थोड़ी आगे जाकर दो शाखाओं में बंट जाती है। कई बार ये दो रेखाओं का भ्रम भी उत्पन्न कर देती है। ऐसी जीवन रेखा शुभ नहीं मानी गई है। अतिरिक्त जीवन रेखा मुख्य जीवन रेखा की शक्ति को कमजोर करती है। क्योंकि जीवनशक्ति विद्युत प्रवाह का दो धाराओं में बहना कोई शुभ संकेत नहीं है। ऐसे लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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जीवनरेखा के अंत में क्रॉस का निशान
Image Credit : Asianet News

जीवनरेखा के अंत में क्रॉस का निशान

यदि किसी व्यक्ति के हाथ की जीवनरेखा के अन्त में क्रॉस का निशान हो तो ऐसे व्यक्ति की मृत्यु घटना-दुर्घटना में यानी अचानक होती है। हथेली में ये निशान जितना गहरा और स्पष्ट होता है, मृत्यु की संभावना भी उतनी अधिक होती है। यदि एक आड़ी रेखा आकर जीवनरेखा को रोक दे तो यह भी तत्काल मृत्यु का ही संकेत है। ऐसे निशानों को बहुत ही अशुभ माना गया है। 
 

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जीवनरेखा पर डबल क्रॉस का निशान
Image Credit : Asianet News

जीवनरेखा पर डबल क्रॉस का निशान

जीवन रेखा पर डबल क्रॉस का निशान जीवन शक्ति के प्रवाह में भंयकर रूकावट का संकेत है। जीवनरेखा पर जिस स्थान पर क्रॉस के निशान दिखाई देंगे, उसी जगह की समकक्ष आयु में आपको शनि रेखा या सूर्य रेखा पर भी कुछ- कुछ चिह्न अवश्य होते हैं। ऐसे निशान आकस्मिक बीमारी या दुर्घटना के बारे में संकेत देते हैं। ये निशान हमेशा अशुभ फल ही प्रदान करते हैं।

लेखक परिचय
राजेन्द्र गुप्ता (Rajendra Gupta Astrologer) ज्योतिष जगत में एक जाना-पहचाना नाम है। आप वर्तमान में अजमेर (राजस्थान) में रहकर हस्तरेखा विषय पर निरंतर शोधपरक कार्य कर रहे हैं। आपने एम.ए. दर्शनशास्त्र में स्वर्णपदक प्राप्त किया है। साथ ही इतिहास और राजनीति शास्त्र विषयों पर भी आपने एम. ए. किया है। साहित्यागार प्रकाशन जयपुर से हिंदी व्याकरण पर आपकी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। रेडियो-टीवी पर भी आपकी कई खोजपरक रिपोर्ट और वार्ताएं प्रसारित हो चुकी हैं।


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Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें। आर्टिकल पर भरोसा करके अगर आप कुछ उपाय या अन्य कोई कार्य करना चाहते हैं तो इसके लिए आप स्वतः जिम्मेदार होंगे। हम इसके लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।


 


 
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About the Author

MM
Manish Meharele
मनीष मेहरेले। मीडिया जगत में इनके पास 19 साल से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर धर्म-आध्यात्म बीट पर काम कर रहे हैं। करियर की शुरुआत इन्होंने स्थानीय अखबार दैनिक अवंतिका से की थी। इसके बाद वह दैनिक भास्कर प्रिंट उज्जैन में वाणिज्य डेस्क प्रभारी रहे और 2010-2019 तक दैनिक भास्कर डिजिटल में धर्म डेस्क पर काम किया। इन्हें महाभारत, रामायण जैसे धार्मिक ग्रंथों का अच्छा ज्ञान है। इनके पास जीव विज्ञान में बीएससी स्नातक की डिग्री है।

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