टीम इंडिया के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने भुवनेश्वर कुमार को दबाव से दूर रहकर स्वाभाविक खेल खेलने की सलाह दी। साथ ही मयंक यादव की जगह प्रिंस यादव को खिलाने की वजह भी बताई।

भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि 4 साल बाद भारतीय टीम में लौटे भुवनेश्वर को अपनी लय हासिल करने के लिए कुछ मैचों का समय दिया जाना चाहिए। मोर्केल ने उन्हें सलाह दी कि वे बाहरी दबाव से दूर रहकर अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान दें।

36 वर्षीय भुवनेश्वर ने आईपीएल 2025 और 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की लगातार खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। उनके शानदार प्रदर्शन के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ T20I सीरीज के लिए भारतीय टीम में उनकी वापसी हुई। हालांकि, सीरीज के पहले दो मैचों में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। पहले मैच में उन्होंने 49 रन देकर कोई विकेट नहीं लिया, जबकि दूसरे मैच में 50 रन देकर सिर्फ एक विकेट हासिल किया।

भुवनेश्वर को कुछ मैचों का समय देना जरूरी: मोर्केल

  • टीम इंडिया के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने कहा कि चार साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करने पर भुवनेश्वर पर उम्मीदों का दबाव होना स्वाभाविक है। आईपीएल 2026 में उन्होंने 16 मैचों में 28 विकेट लेकर संयुक्त रूप से दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज का स्थान हासिल किया था।
  • मोर्केल ने कहा कि भुवनेश्वर ने टीम में चयन से पहले करीब एक महीने तक ट्रेनिंग की थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का स्तर अलग होता है। बिजी शेड्यूल के कारण उन्हें तैयारी के लिए बहुत कम समय मिला।
  • उन्होंने कहा, “उनकी वापसी को लेकर मेरे मन में काफी सहानुभूति है। चार साल बाद वापसी करने पर लोगों की उम्मीदें तो होंगी ही। उन्होंने आईपीएल में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। सबसे पहली बात यह है कि उन्हें इन उम्मीदों के दबाव को खुद से दूर रखना होगा।”
  • मोर्केल ने आगे कहा कि भुवनेश्वर के पास हुनर और अनुभव दोनों हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोबारा ढलने के लिए कुछ मैचों का समय मिलना चाहिए।
  • उन्होंने कहा, "किसी चीज के पीछे भागने की जरूरत नहीं है, बस आप जैसे हैं, वैसे ही रहें।" उनके मुताबिक, भुवनेश्वर को बाहर की बातों पर ध्यान देने के बजाय अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा करना चाहिए। हर मैच के साथ वह अपनी लय बेहतर कर सकते हैं।

मयंक यादव की जगह प्रिंस यादव को खिलाने का फैसला रणनीतिक

  • मोर्केल ने दूसरे T20I में मयंक यादव की जगह प्रिंस यादव को मौका देने के फैसले पर भी सफाई दी। उन्होंने बताया कि यह बदलाव पूरी तरह रणनीति के तहत किया गया था।
  • दूसरी पारी में ओस के कारण गेंद गीली होने की संभावना, मैदान का आकार और डेथ ओवरों में सटीक यॉर्कर डालने की जरूरत को ध्यान में रखा गया था।
  • मोर्केल ने कहा कि प्रिंस यादव डेथ ओवरों में अच्छी यॉर्कर डालते हैं और मुश्किल परिस्थितियों में गेंदबाजी करने में सक्षम हैं। दूसरे T20I में प्रिंस ने चार ओवर में 30 रन देकर एक विकेट लिया था।

मयंक यादव के प्रदर्शन से नाराज नहीं थे मोर्केल

  • मोर्केल ने साफ किया कि मयंक यादव को बाहर बैठाने का कारण उनका प्रदर्शन नहीं था। पहले T20I में मयंक ने चार ओवर में 40 रन देकर एक विकेट लिया था। मोर्केल के मुताबिक, उन्होंने उस मैच में अच्छी गेंदबाजी की थी।
  • उन्होंने कहा कि मयंक जैसे युवा गेंदबाज के लिए कभी-कभी एक मैच से बाहर रहना फायदेमंद हो सकता है। इससे उन्हें अपनी गेंदबाजी पर विचार करने और बल्लेबाजों को समझने का समय मिलता है।
  • मोर्केल ने कहा कि मयंक को अभी बल्लेबाजों को पढ़ना और एक ओवर की रणनीति बनाना सीखना है। वहीं, प्रिंस यादव खेल के अलग-अलग चरणों में गेंदबाजी कर सकते हैं और फिलहाल उनका गेंदबाजी पर नियंत्रण थोड़ा बेहतर है।
  • इस तरह मोर्केल ने भुवनेश्वर का समर्थन करते हुए मयंक को आराम देने के फैसले को भी सही ठहराया।