बेंगलुरु में IPL मैच के दौरान मोबाइल चोरी करने वाले झारखंड के एक गैंग को गिरफ्तार किया गया है। इसमें 3 नाबालिग शामिल थे। पुलिस ने 18 लाख रुपये कीमत के 21 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

बेंगलुरु: शहर के मशहूर चिन्नास्वामी स्टेडियम में IPL मैच के दौरान मोबाइल चोरी करने वाले एक गैंग को कब्बन पार्क पुलिस ने धर दबोचा है। इस गैंग में चार लोग शामिल हैं, जिनमें तीन नाबालिग हैं। ये लोग खास तौर पर चोरी के इरादे से ही झारखंड से फ्लाइट लेकर बेंगलुरु आए थे। पुलिस ने बताया कि झारखंड के रहने वाले शुभम कुमार और तीन नाबालिग लड़कों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से करीब 18 लाख रुपये कीमत के 21 मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। IPL मैच खत्म होने के बाद जब मोबाइल चोरी की कई शिकायतें आईं, तो पुलिस फौरन हरकत में आई। टेक्निकल जानकारी के आधार पर पुलिस ने चोरों को शहर छोड़ने से पहले ही पकड़ लिया।

चोरी के लिए फ्लाइट से आए थे बेंगलुरु

पुलिस के मुताबिक, गैंग का सरगना शुभम कुमार झारखंड का पुराना अपराधी है और उसके खिलाफ वहां भी कई केस दर्ज हैं। यह गैंग भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में महंगे मोबाइल चुराने के लिए कुख्यात है। शुभम को पता चला कि शनिवार को चिन्नास्वामी स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का उद्घाटन मैच है। उसे यह भी मालूम था कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के घरेलू मैच में भारी भीड़ जुटेगी। इसी का फायदा उठाने के लिए शुभम और उसके साथियों ने चोरी का पूरा प्लान बनाया।

प्लान के मुताबिक, शुभम नाबालिग लड़कों को लेकर फ्लाइट से बेंगलुरु पहुंचा। मैच के दिन शुभम स्टेडियम के बाहर ही रहा, जबकि तीनों नाबालिग लड़के ऑनलाइन टिकट खरीदकर दर्शक बनकर स्टेडियम के अंदर चले गए। जब RCB और SRH के बीच रोमांचक मैच चल रहा था और दर्शक पूरी तरह खेल में डूबे हुए थे, तब इन लड़कों ने उनके महंगे मोबाइल फोन्स पर हाथ साफ कर दिया।

20 से ज्यादा लोगों ने की थी शिकायत

मैच खत्म होने के बाद जब लोग स्टेडियम से बाहर निकले, तब उन्हें पता चला कि उनकी जेब कट चुकी है और मोबाइल गायब हैं। लेकिन तब तक झारखंड का यह गैंग वहां से फरार हो चुका था। इसके बाद कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में 20 से ज्यादा लोगों ने मोबाइल चोरी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने FIR दर्ज कर चोरों को पकड़ने के लिए तुरंत टीमें बना दीं।

पुलिस की सुरक्षा में लगाई सेंध

IPL मैच के दौरान किसी भी भगदड़ जैसी अनहोनी से बचने के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम के चारों तरफ पुलिस का कड़ा पहरा था। इस कड़ी सुरक्षा को भेदकर चोरों ने स्टेडियम के अंदर इतनी बड़ी चोरी को अंजाम दे दिया, जिससे पुलिस अधिकारियों के लिए भी यह शर्मिंदगी की बात बन गई। डीसीपी अक्षय मच्छिंद्र हाके ने चोरों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीमें बनाईं। एसीपी डॉ. प्रियदर्शिनी, इंस्पेक्टर के.एस. देवेंद्रप्पा और सब-इंस्पेक्टर राजकुमार की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इस गैंग को पकड़ने में कामयाबी हासिल की।

कुछ और नाबालिग भी हिरासत में

सूत्रों के मुताबिक, मोबाइल चोरी के इस मामले में कब्बन पार्क पुलिस ने 10 से ज्यादा नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर सिर्फ तीन नाबालिगों की गिरफ्तारी दिखाई गई है।

नाबालिगों का इस्तेमाल क्यों?

पूछताछ में पता चला है कि गैंग के सरगना कानून के शिकंजे से बचने के लिए नाबालिगों का इस्तेमाल करते थे। स्टेडियम जैसी जगहों पर नाबालिगों पर ज्यादा शक नहीं होता। साथ ही, अगर वे पकड़े भी जाएं तो उन्हें आसानी से जमानत मिल जाती है। इसी का फायदा ये मास्टरमाइंड उठाते थे।

बेंगलुरु शहर के पुलिस कमिश्नर सीमंत कुमार सिंह ने कहा, "IPL मैच के दौरान मोबाइल चोरी करने वाले आरोपियों को पकड़ लिया गया है। जांच में पता चला है कि उन्होंने सिर्फ स्टेडियम ही नहीं, बल्कि शहर में और भी जगहों पर चोरियां की हैं। हम दूसरे राज्यों की पुलिस से भी संपर्क कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस गैंग ने दूसरे शहरों में हुए IPL मैचों में भी ऐसी चोरियां की हैं।"