क्रिशन कलुगामेज लूका में पिज्जा रेस्टोरेंट चलाते हैं और इटली के लिए लेगस्पिन गेंदबाज के रूप में 2026 टी20 विश्व कप खेल रहे हैं। श्रीलंका से इटली का सफर, तेज गेंदबाजी से स्पिन में वापसी और कड़ी मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।
Nepal vs Italy T20 World Cup Match Score: टी20 वर्ल्ड कप में ग्रुप-सी के 17वें मुकाबले में 12 फरवरी को नेपाल-मुंबई के बीच मैच खेला जा रहा है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी करते हुए नेपाल की टीम लड़खड़ा गई और महज 123 रन के स्कोर पर ढेर हो गई। नेपाल को बैकफुट पर धकेलने का काम इटली के बॉलर क्रिशन कालुगामेज ने किया।
क्रिशन कालुगामेज ने 4 ओवर में महज 18 रन देकर नेपाल के तीन प्रमुख बल्लेबाजों को पैवेलियन भेजा। उनके अलावा बेन मनेंटी ने 2, अली हसन, जेजे स्मट्स और जसप्रीत सिंह ने 1-1 विकेट लिए। इटली की शानदार गेंदबाजी के की बदौलत नेपाल का पहला विकेट महज 8 रन के स्कोर पर ही गिर गया था। इसके बाद दूसरा और तीसरा विकेट 49 रन, चौथा 93 रन, 5वां 96 रन, छठा 100 रन, 7वां और 8वां 102 रन और 9वां-10वां विकेट 123 के स्कोर पर गिरा।
क्रिशन कालुगामेज क्रिकेट के अलावा क्या करते हैं?
क्रिशन कलुगामेज बेहतरीन पिज्जा बनाते हैं। इटली में टस्कनी के लूका शहर में उनका पिज्जा रेस्टोरेंट है, जहां वे खुद हाथ से आटा गूंथते हैं। लेकिन रेस्टोरेंट के काम से समय निकालकर वे रोम के एस्ट्रोटर्फ मैदान पर क्रिकेट की गेंद को उतनी ही सटीकता से घुमाते हैं। उनका असली जुनून लेगस्पिन गेंदबाजी है, जिसे वे लगातार निखारते रहते हैं।
क्रिकेट सिर्फ शौक नहीं, एक मजबूत सपना
कलुगामेज के लिए क्रिकेट कभी सिर्फ शौक नहीं रहा। यह उनके जीवन का अहम हिस्सा है। काम के साथ-साथ उन्होंने हमेशा खेल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी। उनका विश्वास था कि एक दिन यही खेल उन्हें बड़ी सफलता दिलाएगा। अब उनका यह सपना सच हो चुका है। वे 2026 टी20 विश्व कप में इटली की टीम का हिस्सा हैं।
विश्व कप में इटली का प्रतिनिधित्व करना भावुक पल
कलुगामेज कहते हैं, विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने के बाद जो महसूस हुआ, उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। हममें से कई लोग रो पड़े थे, क्योंकि विश्व कप में खेलना हमारा सपना था। मेरे लिए यह और भी खास है क्योंकि टूर्नामेंट श्रीलंका और भारत में हो रहा है। पहले मैच में जब इटली का राष्ट्रगान बजा, तो मुझे बहुत गर्व हुआ। मैंने हमेशा अपनी जर्सी का सम्मान करने की भावना रखी है।
श्रीलंका से इटली तक का सफर
2007 में जब उनके माता-पिता काम के सिलसिले में श्रीलंका से इटली चले गए, तब कलुगामेज 16 साल के थे। यह उनके लिए भावनात्मक रूप से कठिन समय था। उन्हें लगा कि पेशेवर क्रिकेटर बनने का सपना शायद अब अधूरा रह जाएगा। नेगोंबो में उनका बचपन दादाजी के साथ रेडियो पर क्रिकेट कमेंट्री सुनते हुए और स्कूल में दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलते हुए बीता। वे अपने स्कूल की अंडर-13 और अंडर-15 टीमों का हिस्सा भी रहे।
तेज गेंदबाज से फिर लेगस्पिनर बनने तक का सफर
समय के साथ कालुगामेज की लंबाई तेजी से बढ़ी। उन्होंने सोचा कि उन्हें तेज गेंदबाज बनना चाहिए। उन्हें इटली की ए टीम में भी तेज गेंदबाज के रूप में खेलने का मौका मिला। 2019 में उन्होंने श्रीलंका की घरेलू टीम कैंडी कस्टम्स क्रिकेट क्लब के साथ भी तेज गेंदबाज के रूप में समय बिताया। लेकिन तेज गेंदबाजी के दौरान उन्हें कई चोटों का सामना करना पड़ा। लगातार चोटों की वजह से 2021 में उन्होंने लेगस्पिनर के रूप में वापसी की।


