चोट के कारण इस सीजन से बाहर रहे एम एस धोनी अब फिट हैं। लेकिन CSK के 'विनिंग कॉम्बिनेशन' को न बिगाड़ने के लिए वह शायद प्लेइंग XI से दूर हैं। चेपॉक में उनके आखिरी घरेलू मैच में खेलना भी अनिश्चित है।

नई दिल्लीः “मैंने अपना क्रिकेट करियर ठीक से प्लान किया है। मेरा आखिरी वनडे रांची में था। मेरा आखिरी टी20 चेन्नई में होगा। ये कब होगा, मुझे भी नहीं पता।”

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

ये शब्द कभी एम एस धोनी ने कहे थे। और धोनी का स्टाइल तो आप जानते ही हैं - बिना किसी शोर-शराबे के चुपचाप निकल जाना। एक इंस्टाग्राम पोस्ट पर इंटरनेशनल करियर को अलविदा कहने वाले माही से और उम्मीद भी क्या की जा सकती है।

सच तो ये है कि इंडियन क्रिकेट और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को कामयाबी की बुलंदियों पर पहुंचाने वाला ये खिलाड़ी अब अपने करियर के आखिरी मोड़ पर है। पर फैंस का दिल है कि मानता नहीं। वो एक बार फिर धोनी के बल्ले से वो 'हेलिकॉप्टर शॉट' देखना चाहते हैं।

इस सीजन का आखिरी घरेलू मैच खेलने के लिए CSK तैयार है। चेपॉक में होने वाले इस मैच को लेकर फैंस के मन में बस एक ही सवाल है - क्या 'थाला' मैदान पर उतरेंगे? क्या धोनी प्लेइंग इलेवन में होंगे? आइए, समझते हैं कि संभावनाएं क्या हैं।

इस सीजन में धोनी चेन्नई के लिए एक भी मैच नहीं खेले हैं। वजह बताई गई घुटने के नीचे की मांसपेशियों में चोट। प्रैक्टिस के दौरान ये चोट और बढ़ गई, जिससे उन्हें लंबे समय तक आराम करना पड़ा। आलम ये था कि वो कई बार टीम के साथ बाहर के मैचों में ट्रैवल भी नहीं कर रहे थे। लेकिन टीम के करीबी सूत्रों की मानें तो सिर्फ चोट ही धोनी के बाहर रहने की वजह नहीं है।

सीजन की शुरुआत में लड़खड़ाने वाली चेन्नई ने दूसरे हाफ में शानदार वापसी की है। पिछले 9 मैचों में से 6 जीतकर टीम ने प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखी हैं। एक तरफ चेन्नई जीत की पटरी पर लौट आई, तो दूसरी तरफ धोनी भी पूरी तरह से फिट हो गए। लेकिन टीम में उनकी वापसी नहीं हुई। कहा जा रहा है कि इसके पीछे खुद धोनी ही हैं।

कई खिलाड़ियों की चोट से जूझने के बाद CSK को आखिरकार एक 'विनिंग कॉम्बिनेशन' मिल गया है, जो मैदान पर रिजल्ट भी दे रहा है। हर बैटिंग पोजीशन पर आने वाला खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहा है। पिछले दो सीजनों को देखें तो टीम का प्रदर्शन पांच बार की चैंपियन जैसा नहीं था। 2024 में टीम पांचवें स्थान पर रही, तो 2025 में दसवें स्थान पर खिसक गई थी।

ऐसे में 2026 में कम से कम प्लेऑफ तक पहुंचना चेन्नई के लिए बहुत जरूरी है। फिलहाल टीम का बैलेंस शानदार है और मैनेजमेंट भी इस कॉम्बिनेशन से खुश है। अब सवाल ये है कि क्या इस लय को तोड़ना सही होगा? अगर धोनी टीम में आते हैं, तो टीम के स्ट्रक्चर, खासकर बैटिंग लाइन-अप में बदलाव हो सकता है। इससे टीम का बैलेंस बिगड़ सकता है। माना जा रहा है कि इसी बात को ध्यान में रखते हुए धोनी खुद को टीम से दूर रख रहे हैं।

इसलिए, ये पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि धोनी मैदान पर लौटेंगे। चेपॉक में चेन्नई का आखिरी मैच सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ है। रुतुराज गायकवाड़ की टीम के लिए ये 'करो या मरो' वाला मुकाबला है। जीतने पर ही प्लेऑफ की उम्मीदें बनी रहेंगी। ऐसे में मैनेजमेंट शायद ही टीम में कोई बड़ा फेरबदल करना चाहेगा।

धोनी चोट के बाद वापसी कर रहे हैं और 44 साल की उम्र में बिना मैच प्रैक्टिस के खेलना कितना आसान होगा, ये भी एक सवाल है। हालांकि, वो नेट्स पर बैटिंग प्रैक्टिस करते दिखे हैं, लेकिन इसे कोई पक्का संकेत नहीं माना जा सकता। फैंस तो बस यही उम्मीद कर रहे हैं कि वो कम से कम 'इम्पैक्ट प्लेयर' के तौर पर ही मैदान पर दिख जाएं।

चेन्नई में बदलाव का दौर लगभग पूरा हो चुका है। रुतुराज गायकवाड़ को कप्तानी सौंपना और संजू सैमसन की एंट्री, ये सब इसी ओर इशारा करता है कि शायद धोनी अगले सीजन में न दिखें। लेकिन जैसा कि सब जानते हैं, आखिरी फैसला तो उन्हीं का होगा।