NEET पेपर लीक विरोध को शुभमन गिल व इरफ़ान पठान का समर्थन मिला है। छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारी सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
नई दिल्ली: NEET पेपर लीक को लेकर चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों को भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल और पूर्व क्रिकेटर इरफ़ान पठान का भी साथ मिल गया है। गिल ने सोशल मीडिया पर एक नोट शेयर करते हुए कहा कि शांति से प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज़ सुनी जानी चाहिए और उनके भविष्य को ध्यान में रखकर ही कोई फ़ैसला लेना चाहिए। अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में गिल ने सभी से छात्रों के अधिकारों के लिए एक साथ खड़े होने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सहानुभूति और आपसी सम्मान के साथ सुलझाना चाहिए।
गिल ने लिखा, "देश के एक नौजवान के तौर पर, मेरा मानना है कि हमारी पीढ़ी को पढ़ने, सपने देखने और अपना भविष्य बनाने का हर मौका मिलना चाहिए। मैं हर उस युवा का सम्मान करता हूं जो शांति से अपने हक़ के लिए आवाज़ उठा रहा है। शिक्षा ही हमारे देश का भविष्य तय करती है। आइए, हम सब मिलकर सहानुभूति, आपसी सम्मान और हर छात्र के भविष्य को सबसे ऊपर रखकर आगे बढ़ें। भारत के एक बेहतर भविष्य के लिए।"

'छात्रों के सपने मत तोड़ो': इरफ़ान पठान
इस मामले पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने काफ़ी सख़्त अंदाज़ में अपनी बात रखी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि पेपर लीक होने से सालों की मेहनत बर्बाद हो जाती है। पठान ने कहा, "हर छात्र अपने अच्छे भविष्य के लिए सालों तक कड़ी मेहनत करता है। उनके परिवार भी इसके लिए बड़ी क़ुर्बानियाँ देते हैं। लेकिन किसी पेपर लीक को उनकी उम्मीदें कुचलने की इजाज़त नहीं मिलनी चाहिए। मुझे देश के कानून और अधिकारियों पर पूरा भरोसा है। मुझे उम्मीद है कि हर बच्चे को इंसाफ़ मिलेगा। दोबारा ऐसा न हो, इसके लिए सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए। छात्र हमारा भविष्य हैं, उनके सपनों की हिफ़ाज़त होनी चाहिए।"
संसद तक मार्च और भूख हड़ताल: तेज़ हो रहा आंदोलन
छात्रों का ये विरोध प्रदर्शन अब और तेज़ हो गया है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' की अगुवाई में हो रहे इन प्रदर्शनों को मशहूर पर्यावरणविद सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला है, जिन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पेपर लीक की ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा दें। पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने और इस वजह से हुए मानसिक तनाव के चलते कई छात्रों की आत्महत्या की ख़बरों ने पूरे देश में ग़ुस्सा भर दिया है। संसद का मॉनसून सत्र शुरू होते ही छात्रों ने संसद तक मार्च भी निकाला। इस मार्च पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और भड़क गए हैं।
