Tilak Varma Run Out Controversy: भारत-वेस्टइंडीज तीसरे टी20 में तिलक वर्मा के रन आउट होने पर विवाद छिड़ गया। जानें क्या हुआ था, क्रिकेट के नियम क्या कहते हैं और इस घटना की तुलना एमएस धोनी के 2011 वाले फैसले से क्यों हो रही है।
IND vs WI 3rd T20I: भारत और वेस्टइंडीज के बीच 11 अक्टूबर को इंदौर के होलकर क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में तिलक वर्मा के रन आउट होने पर विवाद खड़ा हो गया। भारतीय बल्लेबाजों को लगा कि गेंद बाउंड्री के पार चली गई है, लेकिन वेस्टइंडीज के फील्डर ने गेंद को रोक लिया। इसके बाद तिलक वर्मा रन आउट हो गए। इस घटना के बाद क्रिकेट में खेल भावना को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वेस्टइंडीज की टीम को तिलक के मामले में अपील वापस ले लेनी चाहिए थी? इस घटना की तुलना साल 2011 में एमएस धोनी के एक फैसले से भी की जा रही है।
कैसे रन आउट हुए तिलक वर्मा?
भारत की पारी के 17वें ओवर में वेस्टइंडीज के गेंदबाज गुडाकेश मोती गेंदबाजी कर रहे थे। ओवर की चौथी गेंद पर तिलक वर्मा ने शॉट खेला और गेंद लेग साइड की ओर गई। भारतीय बल्लेबाजों को लगा कि गेंद बाउंड्री तक पहुंच गई है और टीम को चार रन मिल गए हैं। हालांकि, वेस्टइंडीज के फील्डर ने डाइव लगाकर गेंद को बाउंड्री पार जाने से रोक लिया। इसके बाद उन्होंने गेंद विकेटकीपर शाई होप की ओर फेंक दी। भारतीय बल्लेबाजों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि गेंद अभी भी खेल में है। इसी बीच वेस्टइंडीज की टीम ने रन आउट करने की कोशिश की।
अक्षर पटेल बच गए, लेकिन तिलक हो गए आउट
गेंद मिलने के बाद विकेटकीपर शाई होप ने नॉन-स्ट्राइकर छोर पर खड़े अक्षर पटेल को रन आउट करने की कोशिश की। हालांकि, अक्षर ने समय रहते अपना बल्ला क्रीज के अंदर पहुंचा दिया और वह आउट होने से बच गए। इसके बाद गेंद गुडाकेश मोती के पास पहुंची। मोती ने नॉन-स्ट्राइकर छोर पर स्टंप की गिल्लियां बिखेर दीं। उस समय तिलक वर्मा क्रीज से बाहर थे। वेस्टइंडीज की टीम ने रन आउट की अपील की। थर्ड अंपायर ने रिप्ले देखने के बाद तिलक को आउट करार दिया।
क्या तिलक वर्मा को आउट देना सही था?
क्रिकेट के नियमों के अनुसार, अगर गेंद खेल में है और बल्लेबाज क्रीज से बाहर है, तो उसे रन आउट किया जा सकता है। इस घटना में भी तिलक को इसी आधार पर आउट दिया गया। हालांकि, विवाद नियमों से ज्यादा खेल भावना को लेकर है। भारतीय बल्लेबाजों को लगा था कि गेंद बाउंड्री पार चली गई है। ऐसे में सवाल उठे कि क्या वेस्टइंडीज की टीम को अपील वापस ले लेनी चाहिए थी? लेकिन नियमों के तहत अपील वापस लेना टीम का फैसला होता है। ऐसा करना अनिवार्य नहीं है। इसलिए खेल भावना पर बहस अलग है, जबकि अंपायर का फैसला नियमों के आधार पर था।
क्यों आई एमएस धोनी के 2011 वाले फैसले की याद?
तिलक वर्मा के रन आउट होने के बाद क्रिकेट फैंस को साल 2011 में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए टेस्ट मैच की याद आई। उस मुकाबले में इंग्लैंड के बल्लेबाज इयान बेल को भी एक गलतफहमी के कारण रन आउट दिया गया था। उस समय भारतीय कप्तान एमएस धोनी ने खेल भावना दिखाते हुए अपील वापस लेने का फैसला किया था। इसके बाद इयान बेल को दोबारा बल्लेबाजी करने का मौका मिला। इसी वजह से तिलक वर्मा के रन आउट की तुलना धोनी के उस फैसले से की जा रही है। हालांकि, दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग थीं। तिलक के मामले में वेस्टइंडीज की टीम ने अपील वापस नहीं ली और अंपायर ने उन्हें आउट दे दिया।
तिलक वर्मा को लेकर सर्च किए जाने वाले सवाल
1. तिलक वर्मा तीसरे टी20 में कैसे आउट हुए?
गेंद खेल में थी और तिलक वर्मा क्रीज से बाहर थे। गुडाकेश मोती ने स्टंप की गिल्लियां बिखेर दीं और थर्ड अंपायर ने उन्हें रन आउट दिया।
2. तिलक वर्मा के रन आउट पर विवाद क्यों हुआ?
भारतीय बल्लेबाजों को लगा कि गेंद बाउंड्री पार चली गई है। इसी गलतफहमी के बीच रन आउट होने से खेल भावना पर सवाल उठे।
3. एमएस धोनी ने 2011 में क्या किया था?
इयान बेल के रन आउट होने के बाद धोनी ने अपील वापस लेने का फैसला किया था, जिससे बेल को दोबारा बल्लेबाजी करने का मौका मिला।