Varun Chakravarthy Performance: टीम इंडिया के स्पिनर वरुण चक्रवर्ती का हालिया प्रदर्शन चिंता बढ़ा रहा है। आईपीएल 2026 के शुरुआती मैचों में महंगे साबित होने के बाद 2027 वनडे वर्ल्ड कप की रेस में उनकी जगह को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आंकड़े भी उनके खराब फॉर्म की कहानी बता रहे हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम को 2011 के बाद से वनडे वर्ल्ड कप जीतने का इंतजार है। 2 अप्रैल को उस ऐतिहासिक जीत के 15 साल पूरे हुए, जब टीम इंडिया ने 2011 ICC Cricket World Cup का खिताब जीता था।

अब नजरें 2027 में होने वाले अगले वनडे वर्ल्ड कप पर टिकी हैं। टीम मैनेजमेंट धीरे-धीरे उस टूर्नामेंट के लिए खिलाड़ियों का कॉम्बिनेशन तैयार कर रहा है। लेकिन इसी बीच कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने चयन को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के बाद अब स्पिनर वरुण चक्रवर्ती का नाम भी सवालों के घेरे में आता दिख रहा है।

मिस्ट्री स्पिन से बनाई थी खास पहचान

पिछले कुछ सालों में वरुण चक्रवर्ती ने अपनी मिस्ट्री स्पिन से खास पहचान बनाई है। खास तौर पर आईपीएल में उनके प्रदर्शन ने उन्हें चर्चा में ला दिया था। 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को चैंपियन बनाने में उनका अहम योगदान रहा। इसके बाद जब गौतम गंभीर टीम इंडिया के हेड कोच बने, तो वरुण की राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई। हालांकि वरुण मुख्य रूप से टी20 फॉर्मेट के खिलाड़ी रहे हैं, लेकिन उन्हें वनडे टीम में भी मौका मिला और शुरुआती मैचों में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया।

यह भी पढ़ें: बिरयानी में बोटी कम निकली… लखनऊ के होटल में मच गया बवाल, ग्राहकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा!

चैंपियंस ट्रॉफी में निभाई थी अहम भूमिका

वरुण चक्रवर्ती ने 2025 में अपना वनडे डेब्यू किया और शुरुआती कुछ मैचों में ही प्रभाव छोड़ा। जब भारत ने ICC Champions Trophy जीती, तब टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में वरुण भी शामिल थे। इस टूर्नामेंट में वरुण और मोहम्मद शमी दोनों ने 9-9 विकेट लिए थे। उस समय ऐसा माना जा रहा था कि आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में वरुण टीम के अहम गेंदबाज बन सकते हैं।

हालिया प्रदर्शन ने बढ़ाई चिंता

लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में वरुण का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 चरण के बाद से वह लगातार महंगे साबित हो रहे हैं।

आईपीएल 2026 के शुरुआती मुकाबलों में भी उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा। मुंबई इंडियन के खिलाफ मैच में उन्होंने 4 ओवर में 48 रन दे दिए। वहीं सन राइज़र हैदराबाद के खिलाफ सिर्फ 2 ओवर में 31 रन खर्च कर बैठे। इसके बाद कप्तान ने उन्हें दोबारा गेंदबाजी का मौका नहीं दिया।

आंकड़े भी दे रहे हैं चेतावनी

अगर हाल के आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर और साफ हो जाती है। पिछले 7 टी20 मैचों में वरुण ने कुल 25 ओवर गेंदबाजी की है और इस दौरान 304 रन खर्च किए हैं। इसका मतलब है कि उनका इकॉनमी रेट 12 से भी ज्यादा रहा है। इतने ओवरों में उन्हें सिर्फ 5 विकेट ही मिले हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि वह न तो रन रोक पा रहे हैं और न ही नियमित रूप से विकेट ले पा रहे हैं।

क्या 2027 वर्ल्ड कप की रेस से बाहर हो सकते हैं?

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल अभी लंबा समय बाकी है और खिलाड़ी फॉर्म में वापसी भी कर सकते हैं। लेकिन अगर आने वाले मैचों में प्रदर्शन नहीं सुधरा, तो टीम इंडिया में उनकी जगह खतरे में पड़ सकती है। इतना ही नहीं, मौजूदा फॉर्म जारी रही तो पहले कोलकाता नाइट राइडर्स की प्लेइंग-11 में उनकी जगह पर भी सवाल उठ सकते हैं। टीम मैनेजमेंट की नजर अब उन खिलाड़ियों पर होगी जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और 2027 के वर्ल्ड कप के लिए मजबूत विकल्प बन सकते हैं।

यह भी पढ़ें: समुद्र में बढ़ी भारत की परमाणु ताकत! INS Aridhaman के शामिल होते ही बदल जाएगा खेल