Virat Kohli Interview: विराट कोहली ने 2019 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से मिली हार के दर्द को पहली बार खुलकर बयां किया है। उन्होंने बताया कि अगले दिन सोकर उठने पर वो इतने सुन्न थे कि समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या करें। भारत यह मैच 18 रन से हार गया था।

Team India World Cup: विराट कोहली के क्रिकेट करियर की सबसे कड़वी यादों में 2019 वनडे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की हार शामिल है। बतौर कप्तान अपना पहला वनडे वर्ल्ड कप खेल रहे कोहली ने हाल ही में इस हार के दर्द पर खुलकर बात की है।

'अगले दिन समझ ही नहीं आया कि क्या करूं'

मैनचेस्टर में खेले गए उस सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने 240 रन का टारगेट दिया था। इसका पीछा करते हुए टीम इंडिया शुरुआत में ही बुरी तरह लड़खड़ा गई थी। कोहली, रोहित शर्मा और केएल राहुल सिर्फ एक-एक रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बाद रवींद्र जडेजा और एमएस धोनी ने पारी को संभाला, लेकिन भारत 221 रन पर ऑलआउट हो गया और 18 रन से मैच हार गया।

कोहली ने उस हार के अगले दिन के अनुभव को बहुत ही इमोशनल तरीके से बताया है। उन्होंने कहा कि सुबह उठने के बाद वो इतने कन्फ्यूज थे कि उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि कॉफी पिएं या ब्रश करें। उन्होंने उस स्थिति की तुलना एक भारी 'हैंगओवर' से की है।

लीग स्टेज में शानदार खेली थी टीम इंडिया

टीम इंडिया ने 2019 वर्ल्ड कप के लीग स्टेज में कमाल का प्रदर्शन किया था। टीम ने 9 में से 7 मैच जीतकर पॉइंट्स टेबल में टॉप किया था। लेकिन सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के नई गेंद के अटैक के सामने भारत का टॉप ऑर्डर ढह गया और मैच हाथ से निकल गया।

जडेजा और धोनी की मेहनत भी नहीं आई काम

भारत ने सिर्फ 5 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद जडेजा और धोनी ने मिलकर टीम की वापसी कराई। दोनों ने 116 रन की पार्टनरशिप की। जडेजा ने 77 रन बनाए, जबकि धोनी ने 50 रन की पारी खेली। लेकिन आखिर में भारत 18 रन से हार गया और वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया।

सालों बाद भी ताजा है वो याद

इस हार को कई साल बीत चुके हैं, लेकिन कोहली की बातों से साफ झलकता है कि उस मैच का इमोशनल असर कितना गहरा था। 2019 का वर्ल्ड कप बतौर कप्तान उनका पहला वनडे वर्ल्ड कप था, इसलिए यह हार उनके लिए और भी ज्यादा तकलीफदेह बन गई।

इस हार से क्या सबक मिला?

कोहली की बातों से यह साफ है कि 2019 वर्ल्ड कप की हार ने भले ही बहुत दर्द दिया, लेकिन उनके क्रिकेट सफर में एक बड़ा सबक भी सिखाया। जब जीत की उम्मीदें बहुत ज्यादा हों, तो हार को स्वीकार करना कितना मुश्किल होता है, यह उन्होंने महसूस किया। लेकिन इसी अनुभव के बाद एक खिलाड़ी के तौर पर और मजबूती से वापसी करना कितना जरूरी है, यह भी इस घटना से साबित होता है। सालों बाद भी उस मैच की यादें कोहली के जहन में ताजा हैं, जो बताता है कि वो वर्ल्ड कप उनके लिए कितना मायने रखता था।