ब्राज़ील की फुटबॉल टीम अब सेट-पीस के लिए 'टैक्टिकल रिस्टबैंड' का उपयोग करेगी। यह शोर में कोच के निर्देश खिलाड़ियों तक पहुंचाने में मदद करेगा। रिस्टबैंड पर लिखे कोड से खिलाड़ी तुरंत अगला मूव समझ जाएंगे।

न्यूयॉर्क: ब्राज़ील की फुटबॉल टीम अब मैदान पर रग्बी टीमों वाली एक पुरानी तरकीब आज़माने जा रही है। सेट-पीस जैसे मौकों पर कोई गलती न हो, इसके लिए खिलाड़ी अपनी कलाई पर रिस्टबैंड पहनकर उतरेंगे। अक्सर देखा जाता है कि हज़ारों फैंस के शोर में कोच चिल्लाकर खिलाड़ियों तक अपनी बात नहीं पहुंचा पाते। ऐसे में खिलाड़ी भी कन्फ्यूज़ हो जाते हैं कि आखिर करना क्या है।

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इसी दिक्कत से निपटने के लिए ब्राज़ील अब 'टैक्टिकल रिस्टबैंड' का सहारा लेगी। इन रिस्टबैंड पर गेम के कोड, फॉर्मेशन और किस खिलाड़ी को कहां रहना है, जैसी ज़रूरी बातें लिखी होंगी। जैसे ही कोई सेट-पीस मिलेगा, कोच एक नंबर या कलर कोड का इशारा करेंगे। खिलाड़ी अपनी कलाई पर बंधी पट्टी में देखकर तुरंत समझ जाएंगे कि अगला मूव क्या लेना है। खासकर थ्रो-इन और कॉर्नर के वक्त यह बहुत काम आएगा, क्योंकि इसमें देरी होने पर मौका हाथ से निकल सकता है। रिस्टबैंड की मदद से बिना किसी गलती के तेज़ी से फैसला लिया जा सकेगा।

यह आइडिया कोच कार्लो एंसेलोटी और सेट-पीस के ज़िम्मेदार असिस्टेंट कोच फ्रांसेस्को मौरी का है। खिलाड़ियों को इसकी ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। टीम के बड़े डिफेंडर मार्किन्होस और गैब्रियल महलगैस ने वर्ल्ड कप के पहले मैच से पहले इन रिस्टबैंड के साथ काफी प्रैक्टिस भी की। अब मोरक्को के खिलाफ मैच में यह नई रणनीति मैदान पर देखने को मिल सकती है।